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भारतीय संविधान दिवस पर डीयू के छात्रों ने जाने अपने अधिकार और कर्तव्य

भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विधि संकाय द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया गया

भारतीय संविधान दिवस पर डीयू के छात्रों ने जाने अपने अधिकार और कर्तव्य
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नई दिल्ली। भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विधि संकाय द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई द्वारा यह वेबिनार 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं मौलिक कर्तव्यों में सामंजस्यपूर्ण अनुरूपण' विषय पर आधारित था। इस वेबिनार का उद्देश्य भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर छात्र एवं छात्राओं में संविधान एवं संविधानवाद के प्रति जागरूकता पैदा करना था। वेबिनार के विषय ने छात्रों को संविधान में अधिकारों के साथ दायित्व की भावना को समझने में मदद की। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित वेबिनार में उपस्थित छात्रों ने प्रश्नों द्वारा अपनी शंकाओं को दूर किया, वेबिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल सर्वोच्च न्यायालय के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड नमित सक्सेना ने छात्रों को मौलिक अधिकार तथा नागरिकों के कर्तव्य संबंधी विषय से अवगत कराया।

सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता नमित सक्सेना ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों में कोई अन्तर्विरोध नहीं है अपितु ये एक दूसरे के पूरक हैं। हमें अपने मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ मौलिक कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन करना चाहिए।"

अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा, "अगर हमें अपने संविधान और अधिकारों की रक्षा करनी है तो हमें संवैधानिक संस्थाओं एवं संविधान निर्माताओं के विचारों का सम्मान करना होगा साथ अपने मौलिक कर्तव्यों को भी मौलिक अधिकारों के समान ही महžव देना होगा, तब हमारा संविधान निरंतर गतिशील हो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम हो सकेगा।"


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