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नाटक राजा शिवछत्रपति ऐतिहासिक गौरवगाथा का मंचन शुरू  

 विश्व के दूसरे सबसे बड़े और एशिया के पहले प्रसिद्ध नाटक राजा शिवछत्रपति ऐतिहासिक गौरवगाथा का मंचन शनिवार को बड़े उल्लास और उत्साह के साथ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुआ

नाटक राजा शिवछत्रपति ऐतिहासिक गौरवगाथा का मंचन शुरू  
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नई दिल्ली। विश्व के दूसरे सबसे बड़े और एशिया के पहले प्रसिद्ध नाटक राजा शिवछत्रपति ऐतिहासिक गौरवगाथा का मंचन शनिवार को बड़े उल्लास और उत्साह के साथ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उदय उमेश ललित ने नारियल फोड़ कर किया।

महानाट्य को देखने के लिए लोग दिल्ली-एनसीआर से ही नहीं बल्की कई राज्यों से पहुंचे। सेना के अधिकारयों, जवानों, स्कूलों के बच्चों की यहां भारी संख्या दिखी और चार मंजिला इस मंच पर करीबन 250 कलाकारों का मंचन अनूठी अनुभूति देता है। ध्वनि एवं प्रकाश का संयुक्त सटीक प्रयोग जहां युद्ध के दृश्यों को जीवंत करता है वहीं वास्तविक घोड़ो और ऊंटों का प्रयोग इस महानाट्य का आकर्षण बढ़ा रहा है।

राजा शिवाजी के जीवन पर आधारित इस महानाट्य देखते समय ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि आप शिवकालीन दौर में पहुंच गए हों। नाटक में शिवाजी महाराज का शौर्य, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता, प्रसाशनिक कुशलता, युद्ध कौशल नीति, दूरदर्शिता, युद्ध की विशिष्ट नीति एवं शैली का बहुत ही अद्भुत संगम देखने को मिला। शिवाजी के जीवन चरित्र पर आधारित मराठी नाटक जाणता राजा का यह हिंदी रूपान्तर है जिससे 96 वर्षिय शिव शाहीर बाबा साहेब पुरंदरे ने मराठी में लिखा है। भारत, अमेरीका, इंग्लैंड सहित दुनिया के विभिन्न देशों में इस महानाट्य के अभी तक 1200 से ज्यादा मंचन हो चुके हैं।

नाटक का उद्देश्य जन जन को शिवाजी से जुडी घटनाओं और हमारे गौरवशाली इतिहास को अवगत करना है। राष्ट्र धर्म की सीख देता यह नाटक समाज के प्रति जिम्मेदारी का अहसास भी कराता है। यह देश के ऐसे महान सम्राट की कहानी है जिसने राजसत्ता का त्याग कर स्वतंत्रता सेनानी बनकर हिन्दवी स्वराज की आवाज बुलंद की थी। कार्यक्रम शुक्रवार को शुरू होने वाला था परन्तु तेज आंधी और बारिश के कारण इससे रद्द करना पड़ा था।

हालांकि शुक्रवार को भी बरसात में लोग जमे हुए थे। कार्यक्रम के संयोजक श्याम जाजू ने बताया है भाजपा सांसदों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि उन्होने कैसे इस नाटक का पहला शो पुणे में जाकर देखा। आज शुभारंभ अवसर पर आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय आदिवासी मामलों के राज्यमंत्री सुदर्शन भगत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल और वरिष्ठ प्रचारक रामेश्वर सिंह उपस्थित रहे और सभी ने माँ तुलजा भवानी की आरती की।


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