उर्दू के मशहूर शायर तश्ना आलमी की याद में देव्यागिरि ने किया शोकसभा का आयोजन
मनकामेश्वर मठ मंदिर की श्रीमहंत देव्यागिरि ने उर्दू के मशहूर शायर तश्ना आलमी को श्रद्धाजंलि देने के लिये आज एक शोकसभा का आयोजन किया है
लखनऊ। मनकामेश्वर मठ मंदिर की श्रीमहंत देव्यागिरि ने उर्दू के मशहूर शायर तश्ना आलमी को श्रद्धाजंलि देने के लिये आज एक शोकसभा का आयोजन किया है। मंहत देव्यागिरि तश्ना आलमी के निवास बशीरतगंज गईं और उनके परिवारी जन को दुख की इस घड़ी में दिलासा दिया।
उन्होंने कहा कि आलमी की शायरी समाज के उपेक्षित वर्ग की आवाज को बुलंद करती थी। इसलिए वह वास्तविक अर्थों में जनकवि और हिन्दुस्तानी गंगा-जमुनी तहजीब के वाहक थे। मनकामेश्वर घाट पर आज शाम छह बजे उर्दू शायर को श्रद्धाजंलि देने के लिये एक शोक सभा का आयोजन किया गया है। तश्ना बीते कुछ महीनों से लकवे से ग्रसित थे। तश्ना आलमी का हिन्दी शायरी संग्रह ‘बतकही’ अपने तल्ख तेवर के लिए जाना जाता है। उनका कल इंतकाल हो गया था।
वह पूर्वी उत्तर प्रदेश देवरिया जिले के निवासी थे। चालीस साल पहले तश्ना अपने गांव सलेमपुर से लखनऊ आये और बशीरतगंज मोहल्ले में बस गये। वह शायर के साथ- साथ होम्योपैथी के चिकित्सक भी थे। उर्दू के टीचर रहे तश्ना पर अतशा फिल्म भी बनी है।


