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'महिला आरक्षण को बिना किसी देरी के लागू किया जाए': पद्म श्री से सम्मानित लीबिया लोबो सरदेसाई

गोवा की पद्म श्री से सम्मानित और 102 साल की स्वतंत्रता सेनानी लीबिया लोबो सरदेसाई ने बुधवार को महिला आरक्षण बिल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कानून स्वागत योग्य तो है, लेकिन साथ ही यह बेहद निराशाजनक भी है और एक चुनावी पैंतरा लगता है।

महिला आरक्षण को बिना किसी देरी के लागू किया जाए: पद्म श्री से सम्मानित लीबिया लोबो सरदेसाई
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नई दिल्ली। गोवा की पद्म श्री से सम्मानित और 102 साल की स्वतंत्रता सेनानी लीबिया लोबो सरदेसाई ने बुधवार को महिला आरक्षण बिल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कानून स्वागत योग्य तो है, लेकिन साथ ही यह बेहद निराशाजनक भी है और एक चुनावी पैंतरा लगता है।

सरदेसाई ने कहा कि यह एक अच्छा बिल है और हमें इसकी जरूरत है, लेकिन 27 साल बीत चुके हैं और इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। अब वे कह रहे हैं कि इसमें और तीन साल लगेंगे। यह आज या कल तो आने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि देश की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 फीसदी है, फिर भी वे सिर्फ 33 फीसदी आरक्षण पर ही अटकी हुई हैं। आज महिलाओं ने काफी तरक्की की है। वे देश को चलाने में सक्षम हैं, लेकिन उन्हें यह मौका नहीं दिया जा रहा है। यह बहुत गलत है। यह बिल तुरंत पास हो जाना चाहिए था, लेकिन वे कह रहे हैं कि इसे जनगणना और परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा। इतनी देरी क्यों? इसका जनगणना से क्या लेना-देना है? उन्हें पहले से ही पता है कि आधी आबादी महिलाओं की है।

इस बिल को एक चुनावी स्टंट बताते हुए सरदेसाई ने कहा कि यह बिल महिलाओं की भलाई के लिए नहीं लाया जा रहा है। यह सिर्फ महिला वोटरों को लुभाने की एक चुनावी चाल है। कम से कम, ऐसा ही लगता है। वरना, इसमें इतना समय क्यों लगता?

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि बिल पास होने के बाद महिलाओं को असल में सच्चा प्रतिनिधित्व कब मिलेगा। महिलाओं को प्रतिनिधित्व तो मिलेगा, लेकिन तीन साल बाद। हम पहले ही इतना लंबा इंतजार कर चुके हैं; अब और इंतजार नहीं कर सकते। परिसीमन और जनगणना जैसी शर्तें सिर्फ महिलाओं पर ही क्यों थोपी जा रही हैं? ये नियम सांसदों और विधायकों के प्रतिनिधित्व पर खुद क्यों लागू नहीं होते?

लीबिया लोबो सरदेसाई ने राजनीतिक पार्टियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो भाजपा ने उसका विरोध किया था। अब भाजपा सत्ता में है और कांग्रेस की आलोचना कर रही है। दोनों ही पार्टियां इसे गंभीरता से नहीं ले रही हैं। अब भाजपा इसका इस्तेमाल सिर्फ एक चुनावी हथकंडे के तौर पर कर रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बिल को लागू करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए और इसे बिना किसी शर्त के, जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।


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