Top
Begin typing your search above and press return to search.

CJP के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया का पॉडकास्ट के बहाने बुलाकर मारपीट और धमकी का आरोप, पुलिस से की शिकायत

विजेता दहिया के मुताबिक, 5 अगस्त को रोहित नाम के एक व्यक्ति ने उनसे व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया था। उसने खुद को प्रिंस गौर की टीम का सदस्य बताया और पॉडकास्ट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। कई दिनों तक बातचीत होने के बाद दहिया ने 31 अगस्त को मिलने के लिए सहमति दी।

CJP के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया का पॉडकास्ट के बहाने बुलाकर मारपीट और धमकी का आरोप, पुलिस से की शिकायत
X

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने आरोप लगाया है कि उन्हें पॉडकास्ट रिकॉर्ड करने के बहाने दिल्ली के जाफराबाद बुलाया गया और वहां कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की तथा धमकी दी। दहिया का दावा है कि उनसे उनके सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर सवाल किए गए और हिंदू धर्म तथा देवी-देवताओं से जुड़े उनके वीडियो पर आपत्ति जताई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां से निकलने के बाद भी कुछ लोग उनका पीछा करते हुए जाफराबाद मेट्रो स्टेशन तक पहुंचे। दहिया ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी है। हालांकि, उनके मुताबिक अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस ने शिकायत को जाफराबाद थाने भेजकर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।

पॉडकास्ट के नाम पर जाफराबाद बुलाने का आरोप

विजेता दहिया के मुताबिक, 5 अगस्त को रोहित नाम के एक व्यक्ति ने उनसे व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया था। उसने खुद को प्रिंस गौर की टीम का सदस्य बताया और पॉडकास्ट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। कई दिनों तक बातचीत होने के बाद दहिया ने 31 अगस्त को मिलने के लिए सहमति दी। दहिया का कहना है कि उनसे मिलने के लिए पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई थी। उनके मुताबिक, शाम करीब चार बजे वह जाफराबाद की डीडीए कॉलोनी पहुंचे, जहां रोहित उन्हें मिला। रोहित ने कैब ड्राइवर को भुगतान करने के बाद उन्हें पास के एक पार्क में ले जाने की बात कही।

सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर पूछताछ का दावा

दहिया के आरोप के मुताबिक, पार्क में पॉडकास्ट रिकॉर्ड करने के बजाय उनसे उनके सोशल मीडिया वीडियो को लेकर सवाल किए जाने लगे। उन्होंने बताया कि रोहित ने उनसे पूछा कि वह इंस्टाग्राम पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें क्यों करते हैं। दहिया ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह किसी धर्म या देवी-देवता को गाली नहीं देते, बल्कि धर्म में सुधार और तार्किक सोच की बात करते हैं। उनका आरोप है कि जब उन्होंने वहां से जाने की कोशिश की तो उन्हें रोकने की कोशिश की गई।

धमकी देने और पीछा करने का आरोप

विजेता दहिया के मुताबिक, वह किसी तरह वहां से निकलकर ई-रिक्शा की ओर गए और मदद मांगने की कोशिश की। उनका आरोप है कि इसी दौरान रोहित ने उनका कॉलर पकड़ा और उन्हें गंभीर धमकी दी। दहिया का कहना है कि इसके बाद वह ऑटो से जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पहुंचे, लेकिन कथित तौर पर वहां भी उनका पीछा किया गया। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद उन्हें लगातार व्हाट्सऐप मैसेज और वॉइस नोट मिले। दहिया ने इन कथित वॉइस नोट्स को भी साझा किए हैं।

शिकायत में कई लोगों के नाम

दहिया ने मामले की शिकायत बेगमपुर थाने में दी है। शिकायत में रोहित, प्रिंस गौर, मुकेश जैन और कुछ अज्ञात लोगों के नाम बताए गए हैं। हालांकि, दहिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्हें नहीं पता कि रोहित ने बाकी लोगों के साथ मिलकर कथित घटना को अंजाम दिया या नहीं। उनके मुताबिक, वह रोहित को पहचान सकते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि उसका वास्तविक नाम क्या है। दहिया ने आरोपों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस की जांच और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।

बर्गर विवाद के बाद CJP से हटाए गए थे

विजेता दहिया का नाम कॉकरोच जनता पार्टी से भी जुड़ा रहा है। संसद चलो मार्च के दौरान हुए कथित बर्गर विवाद के बाद CJP ने उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया था। एक इंटरव्यू में दहिया ने बताया था कि उन्हें CJP से जुड़ने की सलाह लेखक और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी ने दी थी। दहिया ने बताया था कि ध्रुव राठी को लेखक की जरूरत होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ईमेल किया और उनके साथ लिखने का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने हरियाणवी फिल्मों ‘दरारें’ और ‘ओपरी पराई’ के लेखन और निर्देशन का भी काम किया।

किताबों और फिल्मों से भी जुड़ा रहा है नाम

विजेता दहिया ने अपने परिचय के मुताबिक ‘पावर ऑफ यूनिवर्स’ और ‘टू हेल विद दैट जॉब’ नाम की दो किताबें लिखी हैं। उन्होंने हरियाणवी फिल्मों ‘दरारें’ और ‘ओपरी पराई’ को लिखा और निर्देशित किया है। उनकी शिक्षा दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से हुई है। दहिया के एक्स प्रोफाइल की कवर इमेज पर डॉ. भीमराव आंबेडकर का सामाजिक लोकतंत्र, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व से जुड़ा प्रसिद्ध विचार भी दिखाई देता है। जाफराबाद की कथित घटना को लेकर अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it