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कोटद्वार जिम ट्रेनर 'मोहम्मद दीपक' पर विहिप प्रवक्ता का जुबानी हमला, 'लव जिहाद' का नया रूप बताया

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम ट्रेनर दीपक कुमार द्वारा खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताने की घटना पर तीखी टिप्पणी की है

कोटद्वार जिम ट्रेनर मोहम्मद दीपक पर विहिप प्रवक्ता का जुबानी हमला, लव जिहाद का नया रूप बताया
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नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बुधवार को उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम ट्रेनर दीपक कुमार द्वारा खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताने की घटना पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने इसे 'जिम जिहाद' का नया रूप बताते हुए राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।

विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके सवाल किया, "क्या अब उत्तराखंड के कोटद्वार में भी शुरू हो गया जिम जिहाद? अब तो जिम संचालक दीपक भी अपने आप को 'मोहम्मद दीपक' बता कर वहां के हिंदू समाज पर धौंस जमाने लगा! इस स्वघोषित व नवोदित 'मोहम्मद' की पीठ पर अभी तक तो फिरोज के पोते राहुल गांधी का सिर्फ हाथ था किंतु अब तो उनका साथ भी मिल गया!"

उन्होंने आगे तंज कसा, "यदि अपने नाम में 'मोहम्मद' जोड़ने मात्र से ही कोई दबंग बन सकता है तो राहुल गांधी अपने नाम में इसे जोड़कर हीरो क्यों नहीं बन जाते! झारखंड के एक जिहादी मंत्री तो उसकी दबंगई से इतने प्रभावित हुए कि अपने चार महीने के वेतन से 2 लाख रुपए देकर उसे झारखंड बुलाकर सम्मान की घोषणा भी कर डाली। कहीं यह इस्लाम में दावत का कोई नया जिहादी व सेक्यूलर एजेंडा तो नहीं?"

बंसल ने सवाल उठाया कि अगर मोहम्मद दीपक के साथ असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेता खड़े हैं, तो हिंदू सरनेम जैसे 'ईश्वर', 'भगवान', 'सिंह' या 'शर्मा' जोड़कर क्यों नहीं बनाते मिसाल?

एक अन्य पोस्ट में बंसल ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, "कभी न्यायाधीशों पर तो कभी राज्यसभा के सभापति पर, और अब मुख्य चुनाव आयुक्त पर अभियोग लगाने की तैयारी में लगता है विपक्ष! ये लोग हमारे लोकतंत्र के लिए एक बेहद खतरनाक परिपाटी सी बना रहे हैं। हालांकि इन्होंने जब भी महाभियोग लगाने के प्रयास किए, असफलता ही हाथ लगी और इनकी संविधान विरोधी मानसिकता की ही पोल खुली।"

उन्होंने आगे लिखा, "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर अपनी चुनावी खिसियाहट निकालने के बजाय, हमारी विपक्षी पार्टियों को अधर्म त्याग, धर्म व न्याय का मार्ग अपनाते हुए जनता के लिए भी कुछ करना चाहिए।"


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