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छात्रों से बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी- स्वच्छ भारत की भी जिम्मेदारी हमारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे अपनी नियमित आदत और जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया।

छात्रों से बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी- स्वच्छ भारत की भी जिम्मेदारी हमारी
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नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे अपनी नियमित आदत और जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया।

इसी संदेश के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में छात्रों के साथ श्रमदान किया और स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ पहल के तहत आयोजित इस अभियान में शिक्षा मंत्री ने खुद सफाई में भाग लेकर छात्रों को स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने कॉलेज परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा भी लगाया।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, स्वच्छ भारत का सपना केवल सरकारी अभियानों से पूरा नहीं होगा। इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है और युवा इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। छात्रों से बातचीत में प्रह्लाद जोशी ने कहा कि स्वच्छता का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवन से है। इसलिए इसे केवल किसी एक दिन का अभियान न बनाकर रोजमर्रा की आदत बनाना जरूरी है।

उन्होंने छात्रों से कहा कि स्वच्छता की शुरुआत अपने आसपास से करें। कॉलेज हो, घर हो या सार्वजनिक स्थान हर जगह साफ-सफाई की जिम्मेदारी समझें। शिक्षा मंत्री ने छात्रों से कम से कम 30 मिनट स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों के लिए देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की छोटी-सी पहल भी दूसरे लोगों को प्रेरित कर सकती है। जब हजारों-लाखों लोग मिलकर ऐसा करते हैं, तो यही प्रयास एक बड़े जनआंदोलन में बदल सकता है।

प्रह्लाद जोशी ने युवाओं की शारीरिक फिटनेस पर भी जोर दिया। उन्होंने छात्रों को खेलों में हिस्सा लेने और मैदान पर समय बिताने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्होंने स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय और शारीरिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में आज के विद्यार्थी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी सक्रिय भागीदारी से भारत को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ बनाने का लक्ष्य मजबूत होगा। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, गार्गी कॉलेज के शिक्षक और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) के तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी है। इस विस्तार से पात्र छात्रों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर अपना आवेदन पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। साथ ही, संबंधित अधिकारियों द्वारा आवेदनों का समय पर सत्यापन सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।


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