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तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामला: पुलिस ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार, जांच तेज

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास तोड़फोड़ अभियान के दौरान हुई हिंसा के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है

तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामला: पुलिस ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार, जांच तेज
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मोहम्मद इमरान उर्फ राजू पर पत्थरबाजी और हिंसा का आरोप

  • सीसीटीवी और वायरल वीडियो से 30 लोगों की पहचान
  • सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भेजा जाएगा समन, यूट्यूबर सलमान की तलाश तेज
  • व्हाट्सएप ग्रुप्स से भीड़ जुटाने का खुलासा, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास तोड़फोड़ अभियान के दौरान हुई हिंसा के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस ताजा गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

दिल्ली पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मोहम्मद इमरान उर्फ राजू (36) के रूप में हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी पत्थरबाजी और हिंसा की घटना में शामिल था। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को 5 और गुरुवार को 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम की टीम जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने बताया था कि उन्होंने हिंसा में शामिल 30 लोगों की पहचान कर ली है। यह पहचान सीसीटीवी फुटेज, पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरे की रिकॉर्डिंग और इलाके के कई वायरल वीडियो के आधार पर की गई थी। अधिकारियों की मानें तो समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी जांच में शामिल होने के लिए समन भेजा जाएगा, क्योंकि आरोप है कि हिंसा भड़कने से पहले वह घटनास्थल पर मौजूद थे।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, अधिकारियों ने सांसद से घटनास्थल से दूर रहने का अनुरोध किया था, लेकिन घटना से पहले वह उस इलाके के पास ही बने रहे। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यूट्यूबर सलमान की तलाश भी तेज कर दी है। सलमान पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके शांति भंग करने की कोशिश करने का आरोप है। उस पर डिमोलिशन ड्राइव के दौरान स्थानीय लोगों को घटनास्थल पर इकट्ठा होने के लिए बुलाने का आरोप है।

जांच में यह भी पता चला है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने कथित तौर पर अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए निवासियों को इकट्ठा होने के लिए उकसाया। पुलिस ने बताया कि उनका मकसद ऑपरेशन के दौरान अशांति फैलाना और प्रशासन और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में रुकावट डालना था।

एफआईआर की कॉपी में दर्ज घटनाक्रम में अतिक्रमण वाली जमीन पर पुलिस की बैरिकेडिंग से लेकर एक दर्जन स्थानीय लोगों द्वारा भड़काऊ नारे लगाने और फिर पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने तक की बातें शामिल हैं। एफआईआर के अनुसार, करीब 12:40 बजे जब पुलिसकर्मियों ने इलाके में बैरिकेडिंग शुरू की, ठीक उसी समय 30-35 लोगों का एक समूह मौके पर एकत्र हो गया और नारे लगाने लगा तथा पुलिस को नाकाबंदी करने से रोकने लगा।


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