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हरिरामपुर सीट पर टीएमसी के बिप्लब मित्रा ने दर्ज की जीत, भाजपा उम्मीदवार ने दी कांटे की टक्कर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हरिरामपुर विधानसभा सीट से टीएमसी के नेता और ममता सरकार में मंत्री बिप्लब मित्रा ने जीत दर्ज कर ली है

हरिरामपुर सीट पर टीएमसी के बिप्लब मित्रा ने दर्ज की जीत, भाजपा उम्मीदवार ने दी कांटे की टक्कर
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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हरिरामपुर विधानसभा सीट से टीएमसी के नेता और ममता सरकार में मंत्री बिप्लब मित्रा ने जीत दर्ज कर ली है। भाजपा उम्मीदवार देबब्रत मजूमदार ने कांटे की टक्कर दी थी।

टीएमसी नेता बिप्लब मित्रा को जहां 93,098 वोट मिले, वहीं भाजपा उम्मीदवार देबब्रत मजूमदार को 91,112 वोट मिले। दोनों के वोटों का अंतर महज 1,986 रहा। इस सीट से तीसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार रहे, जिन्हें महज 8,462 वोटों से संतोष करना पड़ा।

पश्चिम बंगाल की हरिरामपुर विधानसभा सीट दक्षिण दिनाजपुर जिले की अहम सीटों में गिनी जाती है। हरिरामपुर विधानसभा सीट बालुरघाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह सीट 2011 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और पहली बार इसी वर्ष यहां चुनाव कराया गया। 2026 विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा और टीएमसी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

हरिरामपुर विधानसभा सीट पर 2026 के चुनाव में कई प्रमुख उम्मीदवार मैदान में रहे। तृणमूल कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता और मंत्री बिप्लब मित्रा को, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने देबब्रत मजूमदार को मैदान में उतारा था। सीपीआई (एम) ने गौतम गोस्वामी को प्रत्याशी बनाया, जबकि कांग्रेस ने सुभाषिष पाल (सोना) पर दांव लगाया। इसके अलावा भी कई उम्मीदवार मैदान में थे।

हरिरामपुर सीट पर अब तक तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला है। 2011 में तृणमूल कांग्रेस के बिप्लब मित्रा ने जीत दर्ज की थी। 2016 में सीपीआई (एम) के रफीकुल इस्लाम ने इस सीट पर कब्जा जमाया। 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने फिर वापसी की और बिप्लब मित्रा दोबारा विधायक चुने गए।

हरिरामपुर सीट पर मतदान का प्रतिशत हमेशा अच्छा रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में यहां करीब 90 प्रतिशत के आसपास मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत के अनुरूप माना जा रहा है।

हरिरामपुर विधानसभा सीट बालुरघाट लोकसभा सीट का हिस्सा है। बालुरघाट लोकसभा क्षेत्र पर फिलहाल भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है और सुकांत मजूमदार यहां से सांसद हैं।

राजनीतिक रूप से यह सीट तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के बीच प्रभाव की लड़ाई का केंद्र रही है, जबकि 2026 में भाजपा ने भी यहां मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की।


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