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हाई-लेवल मीटिंग में वीबी–जी रामजी स्कीम के 1 जुलाई से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान और उनकी पार्टी को संसदीय चुनावों में जीत की बधाई दी

हाई-लेवल मीटिंग में वीबी–जी रामजी स्कीम के 1 जुलाई से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया
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नई द‍िल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान और उनकी पार्टी को संसदीय चुनावों में जीत की बधाई दी। साथ ही ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने भारत-आर्मेनिया संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस चर्चा में केंद्र सरकार के 18 मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों और नोडल अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यह चर्चा 1 जुलाई से वीबी–जी रामजी एक्ट के लागू होने से पहले की तैयारियों का हिस्सा है।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक का फोकस एक्ट के उस विजन को लागू करने पर था, जिसमें विकेंद्रीकृत, पंचायती राज संस्थाओं के नेतृत्व वाली प्लानिंग और कन्वर्जेंस (तालमेल) के जरिए ग्रामीण विकास के लिए 'पूरे-सरकार' वाले अप्रोच को अपनाया जाएगा।

इस फ्रेमवर्क में 'बॉटम-अप' (निचले स्तर से ऊपर की ओर) प्लानिंग का ढांचा है, जिसमें ग्राम सभाओं द्वारा पहचानी गई विकास प्राथमिकताओं को पंचायती राज संस्थाओं के जरिए इकट्ठा किया जाता है और अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के सेक्टर-विशिष्ट कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाता है।

इस अप्रोच का मकसद यह पक्का करना है कि सरकारी निवेश स्थानीय स्तर पर पहचानी गई प्राथमिकताओं पर केंद्रित हो, जिससे ज्‍यादा असरदार और टिकाऊ विकास के नतीजे मिलें।

विभाग ने 1 जुलाई से इस स्कीम को लागू करने में मदद के लिए 318 मंजूर कामों की एक अंतरिम लिस्ट जारी की है। इन कामों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, सिंचाई, ग्रामीण कनेक्टिविटी, सामुदायिक बुनियादी ढांचा, आजीविका में मदद करने वाली संपत्तियां, जलवायु के प्रति लचीलापन और आपदा की तैयारी शामिल हैं।

भाग लेने वालों ने कहा कि मंजूर कामों का दायरा बड़ा होने से अलग-अलग सेक्टर और स्कीमों के बीच तालमेल (कन्वर्जेंस) के काफी मौके मिलते हैं।

रोहित कंसल ने जोर दिया कि कन्वर्जेंस वीबी–जी रामजी एक्ट का मुख्य आधार है और यह पानी की सुरक्षा, आजीविका, बुनियादी ढांचा, जलवायु के प्रति लचीलापन और स्थानीय आर्थिक विकास जैसी आपस में जुड़ी ग्रामीण विकास प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए जरूरी है।

उन्होंने बताया कि एक्ट में "सिंगल प्लान : मल्टी फंडिंग" अप्रोच की परिकल्पना की गई है, जिससे अलग-अलग स्कीमें और कार्यक्रम अपने-अपने मैंडेट और फंडिंग ढांचे को बनाए रखते हुए विकास के साझा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम कर सकें।

ग्रामीण विकास विभाग ने एक्ट के तहत तैयार किया गया कन्वर्जेंस फ्रेमवर्क का ड्राफ्ट पेश किया। इस फ्रेमवर्क के केंद्र में 'विकसित ग्राम पंचायत प्लान' (वीजीपीपी) है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण विकास के लिए मुख्य प्लानिंग टूल के तौर पर काम करता है।

समुदाय की भागीदारी से तैयार और ग्राम सभा द्वारा मंजूर वीजीपीपी का मकसद स्थानीय जरूरतों को केंद्र और राज्य की अलग-अलग स्कीमों के तहत उपलब्ध संसाधनों, विशेषज्ञता और निवेश के साथ जोड़ना है।


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