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राष्ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण पर विपक्ष का हंगामा, भाजपा ने बताया लोकतंत्र के लिए हानिकारक

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर विपक्ष के व्यवहार को गलत और निराशाजनक बताया है

राष्ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण पर विपक्ष का हंगामा, भाजपा ने बताया लोकतंत्र के लिए हानिकारक
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  • नितिन नवीन बोले- संसद की गरिमा को ठेस, विपक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए
  • जेपी नड्डा ने कांग्रेस-इंडी गठबंधन पर साधा निशाना, तृणमूल को भी घेरा
  • बजट सत्र की शुरुआत में विपक्षी हंगामे पर भाजपा का तीखा हमला

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर विपक्ष के व्यवहार को गलत और निराशाजनक बताया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बजट सत्र की शुरुआत के समय राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का व्यवहार बेहद गलत और निराशाजनक रहा। ऐसे मौके पर शांति, सम्मान और गंभीरता जरूरी होती है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने संसद की मर्यादा का ध्यान नहीं रखा। समझ से परे है कि राष्ट्र से जुड़े भावनात्मक शब्दों, बंगाल की गौरवशाली परंपरा और वंदे मातरम् जैसे विचारों से इन दलों को आपत्ति क्यों है। हैरानी की बात यह रही कि तृणमूल कांग्रेस भी इस पूरे हंगामे का हिस्सा बनी रही।

नितिन नवीन ने आगे लिखा कि संसद देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था है। वहां किया गया ऐसा व्यवहार न केवल गलत है, बल्कि जनता की भावनाओं को भी आहत करता है। इस तरह की हरकतों के लिए विपक्ष को देश और संसद से माफी मांगनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए एक्स पोस्ट में लिखा कि संसद में बजट सत्र के आरंभ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के दौरान जिस तरह से कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने आदतन संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडी गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है।

जेपी नड्डा ने आगे लिखा कि आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए वो कम है। इन लोगों को संसद और देश से माफी मांगनी चाहिए।


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