Top
Begin typing your search above and press return to search.

एनआईए ने पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी समेत 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इस साल जनवरी में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन के पार्किंग एरिया में हुए कार बम धमाके के मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है

एनआईए ने पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी समेत 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
X

नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इस साल जनवरी में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन के पार्किंग एरिया में हुए कार बम धमाके के मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें पाकिस्तानी गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी का नाम भी शामिल है।

भट्टी (जो अन्य आतंकवादी मामलों में भी वांछित है) और गिरफ्तार किए गए सात भारतीय नागरिकों के खिलाफ यूए (पी) एक्ट 1967, बीएनएस 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और दूरसंचार अधिनियम 2023 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।

पाकिस्तानी नागरिक और हैंडलर भट्टी के अलावा, चार्जशीट में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करमजीत सिंह उर्फ ​​टोनी, आकाश, सौरव उर्फ ​​सोबी, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ ​​सुखा और अमरजीत सिंह उर्फ ​​अंबी के तौर पर की गई है।

हरियाणा के पंचकूला में विशेष एनआईए कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में, आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने आरोपियों की भूमिकाओं और भट्टी द्वारा रची गई उस साजिश का विवरण दिया है, जिसका मकसद पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर लोगों के बीच दहशत फैलाना और अंबाला में बलदेव नगर पुलिस स्टेशन पर हमला करना था।

एनआई की जांच के अनुसार, पाकिस्तानी आतंकवादी ने भारत में ऑपरेशनल मॉड्यूल बनाए थे और साजिश के तहत पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमले करने के लिए लॉजिस्टिक्स और विस्फोटक सामग्री का इंतजाम करने का काम स्थानीय ऑपरेटिव्स को सौंपा था। आकाश, भट्टी का भारत-स्थित मुख्य ऑपरेटिव था, जो सह-आरोपियों के साथ मिलकर हमलों का समन्वय करने के लिए जिम्मेदार था।

जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि संभावित लक्ष्यों की रेकी करने के बाद बलदेव नगर पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया था। कुछ आरोपियों ने गैस सिलेंडर और विस्फोटक सामग्री से भरी कार को पुलिस स्टेशन परिसर में खड़ा किया था और प्रचार-प्रसार के लिए घटना स्थल का वीडियो भी बनाया था।

एनआईए की जांच से यह भी पता चला कि भट्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन चैनलों के जरिए आरोपियों को भर्ती किया और उन्हें कट्टरपंथी बनाया। अलग-अलग डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फोरेंसिक सबूतों से यह भी साबित हुआ कि हमले की योजना के दौरान आरोपी अपने हैंडलर के संपर्क में थे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it