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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामलों में सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही : नरेंद्र कुमार कश्यप

नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द होने से देशभर में लाखों छात्रों के बीच भारी निराशा और चिंता का माहौल है। छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े होने के बीच नेताओं ने भी इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामलों में सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही : नरेंद्र कुमार कश्यप
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नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द होने से देशभर में लाखों छात्रों के बीच भारी निराशा और चिंता का माहौल है। छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े होने के बीच नेताओं ने भी इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पेपर लीक मामलों में सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाए जाएंगे ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से कहा कि नीट परीक्षा रद्द हुई है तो इसके पीछे जरूर कोई गंभीर कारण होगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है क्योंकि छात्र सालों तक मेहनत करते हैं और जब परीक्षा के नतीजे सही तरीके से नहीं आते तो यह बहुत बड़ा सवाल बन जाता है। उन्होंने माना कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला बेहद संवेदनशील है।

भाजपा नेता बूरा नरसैया गौड़ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लाखों छात्रों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने वर्षों तक मेहनत कर इस परीक्षा की तैयारी की, उनके साथ यह बहुत बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि गलत तरीके से परीक्षा कराने से बेहतर है कि उसे रद्द कर दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों से कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी।

वहीं एक छात्र ने बताया कि उसने 2025 में परीक्षा दी थी, लेकिन मनचाहा स्कोर नहीं मिला। इसके बाद उसने एक साल ड्रॉप लेकर दोबारा तैयारी की और इस बार उसके करीब 600 से ज्यादा अंक आने की उम्मीद थी। छात्र ने कहा कि उसे भरोसा था कि इस बार सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल जाएगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उसका सपना टूट गया।

एक अन्य छात्रा ने बताया कि उसने 12वीं के साथ नियमित पढ़ाई करते हुए मेहनत की थी और उसे 650 से ज्यादा अंक आने की उम्मीद थी। उसने कहा कि वह किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए योग्य हो सकती थी, लेकिन अब एनटीए द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने से उसका भविष्य फिर अनिश्चित हो गया है।



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