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भारत की युवा शक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की शक्ति की प्रशंसा करते हुए एक संदेश में आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के महत्व को रेखांकित किया है

भारत की युवा शक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय : प्रधानमंत्री मोदी
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की शक्ति की प्रशंसा करते हुए एक संदेश में आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश अपने सपनों को साकार कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की युवा शक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारतवर्ष की युवाशक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय है। हमारे युवा साथी जो ठान लेते हैं, वो करके दिखाते हैं। यही वजह है कि आज हमारा देश अपने सपनों को साकार कर रहा है।"

उन्होंने एक 'संस्कृत सुभाषितम्' भी शेयर किया है। पीएम मोदी ने लिखा, "न वा उ मां वृजने वारयन्ते न पर्वतासो यदहं मनस्ये। मम स्वनात् कृधुकर्णो भयात एवेदनु द्यून्किरणः समेजात्।"

'संस्कृत सुभाषितम्' कहा गया है, "आपके आत्मविश्वास की शक्ति गहन है। कोई भी आपके आत्मनिर्णय को कुचल नहीं सकता। बड़े पहाड़ के आकार की बड़ी बाधाएं भी आपके मार्ग में बाधा नहीं डाल सकतीं। आप सूर्य से अधिक शक्तिशाली हैं बशर्ते आपके पास इच्छा-शक्ति हो।"

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिसंबर 2025 से भारतीय परंपरा के कालजयी ज्ञान को आधुनिक नीति और जन-संवाद से जोड़ने के लिए समय-समय पर संस्कृत सुभाषित (प्रेरणादायक श्लोक) शेयर करना शुरू किया है। वे अक्सर अपने भाषणों, 'मन की बात' और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से संस्कृत सुभाषित शेयर करते हैं।

संस्कृत सुभाषितों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करके प्रधानमंत्री मोदी समकालीन शासन को भारत की सभ्यतागत ज्ञान से सचेत रूप से जोड़ रहे हैं और प्राचीन श्लोकों का उपयोग विकास, स्थिरता, लैंगिक न्याय, नैतिक नेतृत्व और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व जैसी आधुनिक प्राथमिकताओं को समझाने के लिए कर रहे हैं। पीएम मोदी ने 8 दिसंबर को पहले सुभाषित में भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन में संस्कृत की स्थायी प्रासंगिकता को रेखांकित किया था।


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