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रसोई गैस पर संकट, राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

देशभर में एलपीजी संकट को लेकर तमाम तरह की बातें चल रही हैं। जहां सरकार का दावा है कि एलपीजी सिलेंडर की पूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है, वहीं विपक्ष का दावा है कि सरकार समस्या को जानकर भी अंजान बन रही है।

रसोई गैस पर संकट, राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
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नई दिल्ली। देशभर में एलपीजी संकट को लेकर तमाम तरह की बातें चल रही हैं। जहां सरकार का दावा है कि एलपीजी सिलेंडर की पूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है, वहीं विपक्ष का दावा है कि सरकार समस्या को जानकर भी अंजान बन रही है।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि सरकार कह रही है कि कोविड से जैसे लड़ा, वैसे ही वर्तमान की स्थिति से भी लड़ लेंगे। सवाल यह है कि कैसे लड़ेंगे। कोई प्लान तो होना चाहिए न।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर में रसोई बंद हो गई है। दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन बंद हो गई। आम आदमी के घरों में डर का वातावरण पैदा हो गया है। मैं चुनौती देती हूं कि आप गैस बुक कीजिए, आपके घर पर गैस नहीं आएगा। यह समस्या आम लोगों को हो रही है।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि स्थिति काफी खराब हो गई है। महंगाई लगातार बढ़ रही है। रसोई गैस के भाव बढ़ रहे हैं, और सरकार महंगाई को लेकर चर्चा नहीं कर रही है। बेरोजगारी बढ़ रही है और किसान परेशान हैं। हमारी सरकार किस तरह का भारत बनाना चाहती है, हमें मालूम नहीं है।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि एलपीजी की किल्लत पूरे देश में है। खाना, चाय महंगी हो गई है। दुखद बात है कि अयोध्या मंदिर की सीता रसोई बंद कर दी गई है। तीर्थ यात्री आते थे, राम रसोई के नाम पर प्रसाद मिलता था, गैस की किल्लत के कारण पहली बार अयोध्या में राम रसोइयां बंद हो गई हैं। इस सरकार के लिए काला इतिहास लिखा जाएगा। आजादी के बाद किसी मंदिर में रसोई बंद नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा कि 15 मार्च को अयोध्या जाकर गैस की समस्या को लेकर समाधान निकालने का प्रयास करूंगा, होगा तो धरने पर बैठूंगा।

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि अगर हम उत्तर प्रदेश, गोरखपुर और लखनऊ को देखें तो वहां न सिर्फ एलपीजी के दाम बढ़े हैं, बल्कि कमर्शियल गैस के दाम भी बढ़ रहे हैं। कमी और जो वीडियो सामने आ रहे हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा कि आप (सरकार) यह मान भी क्यों नहीं रहे कि कोई प्रॉब्लम है। रेस्टोरेंट बिजनेस में, होटल बिजनेस में, यहां तक कि घरेलू एलपीजी में भी लोगों को प्रॉब्लम हो रही है, और जब ब्लैक मार्केटिंग शुरू हो गई है तो सरकार इसका सॉल्यूशन कैसे निकालेगी।

टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि गैस नहीं है, इसलिए हम सड़कों पर भी प्रोटेस्ट कर रहे हैं और पार्लियामेंट में भी कि अगर गैस नहीं होगी तो माताएं-बहनें क्या खाएंगी और क्या पकाएंगी। इस बारे में टीएमसी की तरफ से हमने बंगाल में भी प्रोटेस्ट किया है और पार्लियामेंट में भी। आम जनता को घरेलू गैस नहीं मिल रही है। यह गलत है।

कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि ईरान का झगड़ा अमेरिका और इजरायल से है, भारत से नहीं। इसलिए मुझे खुशी है कि ईरान ने यह फैसला लिया है, जिससे भारत के लिए भी चीजें आसान हो गई हैं, क्योंकि हमारा तेल और गैस पहले वहीं से आता था। यह एक समझदारी भरा कदम है, और ईरान ने यह फैसला लेकर समझदारी दिखाई है।

राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि चाहे अमेरिका हो, यूरोप हो, खाड़ी देश हो, या ईरान हो, हर कोई हमसे बात कर रहा है और हमारे संपर्क में है। वे सभी चाहते हैं कि भारत भी इस इलाके में शांति लाने की कोशिश करे। उसी तरह, हम भी कोशिश कर रहे हैं और बातचीत जारी रखे हुए हैं। प्रधानमंत्री बोल रहे हैं, विदेश मंत्री बोल रहे हैं, और ये बातचीत उन्हीं कोशिशों के हिस्से के तौर पर हो रही है। इससे यह भी पता चलता है कि हमारी वैल्यूज और हमारे हितों का ध्यान रखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ मीडिया में रिपोर्ट देखी हैं। यह अच्छी खबर है कि जहाज हमारे यहां आ गए हैं, और हो सकता है कि ऐसे और जहाज भी आ जाएं।

टीडीपी सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायालु ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले दिन से यही कह रहे हैं कि हम किसी का साथ नहीं दे रहे हैं और हम इस झगड़े का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं। हम इसी बात पर अड़े रहे हैं। अभी, ईरान यह कह रहा है कि अगर वहां भारतीय झंडा होगा तो वे जहाज को जाने देंगे, क्योंकि हमें एनर्जी की जरूरत है और हम तेल और गैस इंपोर्ट करते हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि हमने पहले दिन से कहा था कि हम किसी का पक्ष नहीं लेंगे, हम न्यूट्रल रहेंगे, और हम झगड़े का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं। इसका नतीजा वही है जो आप अभी देख रहे हैं।

विपक्ष का दावा है कि गैस सिलेंडर की कमी हो रही है। इस पर कहा गया कि जब भी आपदा जैसी स्थिति आती है, तो हमारी सरकार और पीएम मोदी समस्याओं से निपटने के लिए समाधान ढूंढने का प्रयास करते हैं और समाधान निकालकर लोगों को राहत पहुंचाते हैं। हम लोगों ने कोविड के दौर में यह सब अपनी आंखों से देखा है।


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