बंगाल चुनाव सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा का प्रश्न है: धर्मेंद्र प्रधान
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का दौर भी जोरों पर है

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का दौर भी जोरों पर है। इस बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तृणमूल सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो भी शेयर किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पिछले 15 वर्षों से एक ऐसी सरकार सत्ता में है जिसने घुसपैठ, राजनीतिक हिंसा, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार को न केवल संरक्षण दिया, बल्कि उसे व्यवस्था का हिस्सा बना दिया। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस का शासन आज भय, अराजकता और अविश्वास का पर्याय बन चुका है, जनता का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।
उन्होंने कहा कि यह चुनाव सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा का प्रश्न है। बंगाल की सीमाएं देश की सुरक्षा से सीधी जुड़ी हैं और यहां की विफल नीतियों ने इस चुनौती को और गंभीर बना दिया है। ‘सोनार बांग्ला’ के नाम पर सिंडिकेट, कटमनी और भ्रष्टाचार वाले कुशासन राज में जनता के साथ छल किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध, बेरोजगार युवा, बदहाल किसान, चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और गिरता शिक्षा स्तर, हर क्षेत्र में विफलता ही बंगाल की पहचान बनती जा रही है। टीएमसी के राज में अव्यवस्था, अराजकता और आर्थिक पतन ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है। इसी सच्चाई को सामने रखते हुए आज कोलकाता में गृहमंत्री की तरफ से चार्जशीट जारी की गई। यह चार्जशीट बंगाल की जनता के आक्रोश, पीड़ा और परिवर्तन के दृढ़ संकल्प की सशक्त अभिव्यक्ति है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार के खिलाफ चार्जशीट जारी की है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह चार्जशीट टीएमसी सरकार के 15 सालों के काले कारनामों का संकलन है।
भाजपा ने 40 पन्नों की चार्जशीट 'टीएमसी के 15 साल, पश्चिम बंगाल लहूलुहान' में तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 साल की खामियों को गिनाया है। इसमें घुसपैठ, व्यापक भ्रष्टाचार और संस्थागत पतन, वित्तीय कुप्रबंधन, प्रशासनिक विफलता, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, कृषि संकट, स्वास्थ्य सेवा का पतन और घोटालों का जिक्र है।
चार्जशीट में आरोप लगाए गए हैं कि टीएमसी समर्थित सिंडिकेट घुसपैठियों को 'वोट बैंक' बनाने में मदद करने के लिए नकली आईडी कार्ड उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकी खतरे में पड़ रही है। पश्चिम बंगाल की 2,216.7 किलोमीटर लंबी सीमा में से 569 किलोमीटर सीमा पर अभी भी बाड़ नहीं लगी है, जिसका कारण टीएमसी सरकार की ओर से घुसपैठ को बढ़ावा देने के लिए जमीन अधिग्रहण में की गई देरी है।


