मुंबई में पहले भी हादसे का शिकार हुआ बारामती क्रैश का विमान, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने की पुष्टि
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि महाराष्ट्र के बारामती में हुए लियरजेट 45 विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी

मुंबई में भी हुआ था हादसा, वही लियरजेट 45 फिर बना मौत का कारण
- अनुभवी पायलट और सुरक्षित ऑडिट के बावजूद क्यों हुआ क्रैश?
- एएआईबी ने संभाली जांच, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर निकालने में जुटी टीमें
- वीएसआर वेंचर्स के बेड़े पर उठे सवाल, कंपनी का इतिहास फिर चर्चा में
नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार को हुए लियरजेट 45 विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। पहले भी यह विमान सितंबर 2023 में मुंबई हवाई अड्डे पर एक लैंडिंग दुर्घटना का शिकार हुआ था। वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित इस विमान का इतिहास कंपनी के एक और विमान के साथ जुड़ा हुआ है।
14 सितंबर 2023 को वीटी-डीबीएल के रूप में रजिस्टर्ड एक अलग लियरजेट 45 विमान मुंबई में लैंडिंग दुर्घटना का शिकार हुआ था, जिसकी जांच अभी भी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान में छह यात्री सवार थे और 14 सितंबर 2023 को बारिश और कम विजिबिलिटी के बीच हुई इस दुर्घटना में सभी चमत्कारिक रूप से बच गए थे।
वीएसआर वेंचर्स, एक नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर, के पास 17 विमानों का बेड़ा है। इसमें सात लियरजेट 45 यूनिट, पांच एम्ब्रेयर 135बीजे विमान, चार किंग एयर बी200 और एक पिलाटस पीसी-12 शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि कंपनी का एयर ऑपरेटर परमिट, जो शुरू में 2014 में जारी किया गया था, अप्रैल 2023 में रिन्यू किया गया था और 2028 तक वैलिड है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने फरवरी 2025 में ऑपरेटर का एक रेगुलेटरी ऑडिट किया था। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, ऑडिट में उस समय कोई लेवल-1 सुरक्षा खामी नहीं पाई गई थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि फ्लाइट क्रू अत्यधिक अनुभवी था। पायलट-इन-कमांड के पास 15,000 से अधिक उड़ान घंटों के साथ एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस था।
रिकॉर्ड से पता चलता है कि उनकी आखिरी मेडिकल जांच नवंबर 2025 में हुई थी, और उनकी प्रोफिशिएंसी जांच अगस्त 2025 में अपडेट की गई थी।
मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "सह-पायलट के पास 1,500 उड़ान घंटों के साथ कमर्शियल पायलट लाइसेंस था और उसने जुलाई 2025 में अपनी आखिरी प्रोफिशिएंसी जांच पास की थी। एएआईबी ने पहले ही बारामती विमान दुर्घटना की जांच अपने हाथ में ले ली है।"
एएआईबी महानिदेशक जीवीजी युगांधर व्यक्तिगत रूप से जांच की देखरेख करने के लिए दुर्घटनास्थल की यात्रा कर रहे हैं। अजित पवार महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के सिलसिले में कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। जांच टीमें फिलहाल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर निकालने के लिए घटनास्थल को सुरक्षित कर रही हैं।


