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दिल्ली में स्पेशल टीम ने जमाखोरी का किया भंडाफोड़, 46 एलपीजी सिलेंडर जब्त, 4 गिरफ्तार

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्‍ली के पश्चिमी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने ख्याला इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए एलपीजी गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और गैर-कानूनी रीफिलिंग के तीन अलग-अलग यूनिट्स का भंडाफोड़ किया है

दिल्ली में स्पेशल टीम ने जमाखोरी का किया भंडाफोड़, 46 एलपीजी सिलेंडर जब्त, 4 गिरफ्तार
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नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्‍ली के पश्चिमी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने बुधवार को ख्याला इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए एलपीजी गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और गैर-कानूनी रीफिलिंग के तीन अलग-अलग यूनिट्स का भंडाफोड़ किया है।

इस संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और कुल 46 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए, जिनमें 20 इंडेन गैस और 26 भारत गैस के सिलेंडर शामिल हैं। इसके साथ ही मौके से तौलने की मशीनें और अवैध रीफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए।

पुलिस के अनुसार, खाड़ी युद्ध और उसके बाद ऊर्जा आपूर्ति, खासकर एलपीजी की उपलब्धता पर पड़े दबाव को देखते हुए जमाखोरों और कालाबाजारियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में पश्चिमी जिला स्पेशल स्टाफ को खुफिया जानकारी जुटाकर ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई थी। सटीक और विश्वसनीय सूचना के आधार पर ख्याला क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इन स्थानों पर किराए के कमरों और अस्थायी शेडों में बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर छिपाकर रखे गए थे।

यह पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर राजेश मौर्य के नेतृत्व में, एसीपी ऑपरेशंस विजय सिंह की देखरेख में और वरिष्ठ अधिकारियों के समग्र पर्यवेक्षण में की गई। टीम में एएसआई ऋषि, कप्तान, उमेश, मनोज त्यागी, हेड कांस्टेबल शमशेर, विजय और कांस्टेबल दिनेश शामिल थे। पुलिस ने मौके से शिवमूरत सिंह (40), रघुराज (26), अरविंद सिंह (27) और ओमपाल (37) को गिरफ्तार किया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग नाम और पहचान का इस्तेमाल कर गैस एजेंसियों से एलपीजी सिलेंडर हासिल करते थे। उन्होंने खुलासा किया कि कुछ सिलेंडर पश्चिम विहार स्थित सनी गैस एजेंसी और राजौरी गार्डन के पास आशु गैस एजेंसी से प्राप्त किए गए थे। इन एजेंसियों और उनके कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में किराए के कमरों और अस्थायी शेडों में सिलेंडर छिपाकर रखते थे ताकि संदेह से बचा जा सके। इसके बाद वे भरे हुए सिलेंडरों से अवैध तरीके से थोड़ी-थोड़ी गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरते थे, जिससे अतिरिक्त सिलेंडर तैयार कर ब्लैक मार्केट में बेचे जा सकें। ये सिलेंडर सामान्य कीमत लगभग 900 रुपए के बजाय 3,000 रुपए तक बेचे जाते थे, जिससे आरोपी भारी मुनाफा कमा रहे थे और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे।

इस मामले में थाना ख्याला में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 7 और बीएनएस की धारा 125, 287 और 61(2) के तहत तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की सप्लाई चेन, इसमें शामिल अन्य लोगों और गैस एजेंसियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।


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