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खुद पर हुए हमले को लेकर पप्पू यादव बोले-'लोग नहीं होते तो अनहोनी हो सकती थी'

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव रविवार को उस समय चर्चा में आ गए, जब दिल्ली स्थित उनके आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर कथित रूप से चप्पल फेंकी गई

खुद पर हुए हमले को लेकर पप्पू यादव बोले-लोग नहीं होते तो अनहोनी हो सकती थी
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नई दिल्ली। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव रविवार को उस समय चर्चा में आ गए, जब दिल्ली स्थित उनके आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर कथित रूप से चप्पल फेंकी गई। घटना के बाद पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने आरोप लगाया कि उन पर चाकू से हमला करने की भी कोशिश की गई।

घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि अगर वहां मौजूद लोग नहीं होते तो मेरी मौत निश्चित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को रातभर प्रताड़ित किया गया।

पप्पू यादव ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित पूरा विपक्ष देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े मुद्दों पर लगातार लड़ रहा है। वे सनातन के विचारों की रक्षा और मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोग खुलेआम कह रहे हैं कि मुझे मार दो।

उन्होंने कहा कि मैं इतना जानता हूं कि कोई संत कभी किसी को नहीं मारता, न गाली देता है और न ही किसी को जिंदा जलाने की बात करता है। हम लोकतांत्रिक तरीके से संसद में अपनी बात रखते हैं। हम हमेशा मर्यादा का पालन करते हैं और कभी लक्ष्मण रेखा पार नहीं करते। हमारा विरोध भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में होता है।

पप्पू यादव के मीडिया कन्वीनर जैद खान ने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक व्यक्ति ने पीछे से सांसद पर चप्पल फेंकने की कोशिश की जबकि दूसरे व्यक्ति ने कथित तौर पर चाकू से हमला करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की गई। ऐसा लगा कि वे 'अतीक अहमद पार्ट-2' जैसी घटना को अंजाम देने आए थे।"

जैद खान ने दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सांसद की सुरक्षा को लेकर तीन-चार दिन पहले ही पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी और यह भी बताया गया था कि उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि घटना के बाद भी दिल्ली पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस मिलकर पप्पू यादव की सुरक्षा को लेकर उदासीन बने हुए हैं। पुलिस पूरी घटना के दौरान तमाशबीन बनी रही। घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी अख्तर खान ने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होते ही एक व्यक्ति ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर सांसद की ओर चप्पल फेंकी। उनके साथ आए कुछ लोगों के पास चाकू भी था। लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए सांसद के साथ उनके ही आवास पर ऐसी घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि मैंने टीवी पर देखा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चाकू से हमले की बात सामने आई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पप्पू यादव को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। दूसरी ओर, इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार आरोपी का नाम सुमित सहपानी है और पिता का नाम फूल गिरी है। सुमित गांव सहपानी, तहसील सिकन्द्राबाद, जिला बुलंदशहर का रहने वाला है। दूसरे शख्स का नाम हैप्पी है, जो कि पप्पू यादव के आवास के बाहर क्रेटा गाड़ी में मौजूद था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों रविवार को बुलंदशहर से दिल्ली में गाड़ी ठीक कराने के लिए आए थे।क्या वे ये चाकू अपने साथ लेकर आए थे या नहीं, इन सब तथ्यों को पुलिस जांच कर रही है। पूछताछ चल रही है, उसके बाद उनके उद्देश्य का पता चल पाएगा।


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