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साकेत हादसा: 7 लोग अस्पताल भेजे गए, मलबे में और दबे होने की आशंका

साकेत के सैदुलाजाब इलाके में 'अराइज' बिल्डिंग के ढहने के बाद इलाके में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि 5 से 6 लोग मलबे में फंसे हैं

साकेत हादसा: 7 लोग अस्पताल भेजे गए, मलबे में और दबे होने की आशंका
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अराइज बिल्डिंग ढही: इलाके में दहशत, बचाव कार्य जारी

  • एनडीआरएफ और दमकल: युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन
  • स्थानीय प्रधान रविंदर सिंह: "भीड़ ज्यादा थी, कई दबे हो सकते हैं"

नई दिल्ली। साकेत के सैदुलाजाब इलाके में 'अराइज' बिल्डिंग के ढहने के बाद इलाके में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि 5 से 6 लोग मलबे में फंसे हैं, जबकि 7 लोगों को निकालकर अस्पताल भेज दिया गया है। बचाव दल लगातार तलाशी और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम कर रहे हैं। स्थानीय प्रधान रविंदर सिंह और सिविल डिफेंस वॉलंटियर धर्मवीर ने आपातकालीन प्रतिक्रिया और जमीनी हालात के बारे में जानकारी दी।

जानकारी के अनुसार, यह इमारत ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की थी, जिसकी तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक पूरी इमारत ढह गई और पास में बने एक अस्थायी टिन शेड कैंटीन पर गिर गई, जहां कुछ लोग मौजूद थे। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया। मौके पर दमकल विभाग, पुलिस और कई आपातकालीन एजेंसियां पहुंचीं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय वहां बच्चे भी मौजूद थे जो खाना खा रहे थे। अचानक इमारत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि कुछ लोगों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।

घटना के बाद बचाव कार्य में एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य में जुट गईं। दमकल विभाग और डीडीएमए की टीमों के साथ मिलकर मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

स्थानीय प्रधान रविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें करीब रात 10 बजे सूचना मिली थी। उनके अनुसार, शुरुआत में तीन लोगों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सुरक्षित निकाला गया, जबकि चार लोगों को दमकल विभाग और एनडीआरएफ की मदद से मलबे से निकालकर अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि राहत कार्य अभी जारी है।

रविंदर सिंह ने यह भी बताया कि इस इमारत में कैफे, छोटे ऑफिस और अन्य कमर्शियल गतिविधियां चल रही थीं। उन्होंने अनुमान जताया कि यहां काफी लोग मौजूद रहे होंगे, खासकर वीकेंड होने के कारण भीड़ ज्यादा हो सकती है।

उनका कहना था कि गांव के लोग भी मदद के लिए आगे आना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें रोक दिया ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए। उन्होंने इसे बेहद दुखद घटना बताया।

वहीं सिविल डिफेंस वॉलंटियर धर्मवीर ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम मौके पर पहुंच गई थी। उनके अनुसार, प्रशासन की पूरी टीम, डिप्टी प्रोजेक्ट ऑफिसर और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार राहत कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि 5 से 6 लोग अब भी अंदर हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है।

फिलहाल राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और सभी एजेंसियां मिलकर लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक मलबे की पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती, ऑपरेशन जारी रहेगा।


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