Top
Begin typing your search above and press return to search.

रेखा सरकार का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, राजस्व विभाग ने की 124 प्रॉपर्टी की जांच व एक्शन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त निर्देश पर दिल्ली सरकार अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस नीति का सख्ती से पालन कर रही है

रेखा सरकार का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, राजस्व विभाग ने की 124 प्रॉपर्टी की जांच व एक्शन
X

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त निर्देश पर दिल्ली सरकार अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस नीति का सख्ती से पालन कर रही है। इसके तहत राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान जारी है।

इस एक्शन के तहत विभिन्न एजेंसियों द्वारा व्यापक कार्रवाई की जा रही है, जिसमें अवैध संपत्तियों का ध्वस्तीकरण, सीलिंग व कारण बताओ नोटिस आदि बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार राजधानी में अनधिकृत निर्माण, अतिक्रमण, अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन तथा नागरिकों के जीवन और संपत्ति के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही है।

सरकार केवल कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि एक ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित कर रही है जिससे भविष्य में ऐसे खतरनाक और अवैध निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि दिल्ली सरकार भवनों को लेकर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) व अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग ने 124 प्रॉपर्टी की जांच की और उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की।

इसी तरह बीते छह दिनों की अवधि में दिल्ली नगर निगम ने कुल 94 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और 114 संपत्तियों को सील किया। इसके अलावा डीडीए को अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में ऐसा कोई निर्माण, व्यावसायिक गतिविधि या सार्वजनिक उपयोग की व्यवस्था संचालित न हो जो लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करे।

मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्या के स्थायी समाधान पर भी एक्शन मोड में काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे भवनों, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए, जहां बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि बीमा कंपनियां तभी बीमा कवर उपलब्ध कराएंगी जब संबंधित भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा। इससे भवन स्वामियों पर सुरक्षा नियमों के अनुपालन का अतिरिक्त दबाव बनेगा और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दमकल विभाग की रेस्पॉन्स प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने विभिन्न जिलों में कुल 124 स्थलों का निरीक्षण किया। विभाग के अनुसार उत्तर जिले में 10 स्थलों के निरीक्षण के बाद उल्लंघनकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए। पूर्वी जिले में 10, पश्चिम जिले में 21, दक्षिण-पश्चिम जिले में 13 तथा मध्य जिला (उत्तर) में 10 स्थलों के निरीक्षण के बाद भी नोटिस जारी किए गए। दक्षिण जिले में 30 स्थलों के निरीक्षण के दौरान 11 परिसरों को सील किया गया तथा 19 मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। बाहरी उत्तर जिले में भवन उपविधियों के उल्लंघन के कारण तीन अनधिकृत भवन ध्वस्त किए गए।

नई दिल्ली जिले में सीलिंग नोटिस जारी किए गए, जबकि मध्य जिले में क्लोजर नोटिस जारी किए गए। पुरानी दिल्ली जिले में अग्निशमन विभाग का एनओसी उपलब्ध पाया गया, लेकिन भवन स्वीकृति योजना नहीं मिलने पर मामला आवश्यक कार्रवाई के लिए दिल्ली नगर निगम को भेजा गया। दक्षिण-पूर्व जिले में निरीक्षण के दौरान कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।

राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 1 जून से 6 जून तक दिल्ली नगर निगम ने कुल 94 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की, जबकि 114 संपत्तियों को सील किया गया। साथ ही, अनधिकृत निर्माण के मामलों में 84 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 41 प्रॉपर्टी को सीलिंग का नोटिस भेजा गया और 33 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।

इस अभियान के दौरान दिल्ली नगर निगम ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध कानूनी और भौतिक दोनों स्तरों पर कार्रवाई को तेज किया। विभाग ने न केवल अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की, बल्कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए नोटिस और आदेश जारी करने की प्रक्रिया भी निरंतर जारी रखी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it