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राघव चड्ढा के वोटर लिस्ट में नाम को लेकर विवाद, दिल्ली CEO कार्यालय ने दी सफाई; जानें क्या है नियम

आम आदमी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान प्रक्रिया का पालन किए बिना राघव चड्ढा का नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया। पार्टी ने सवाल उठाया था कि जब दिल्ली की मतदाता सूची को 16 जून को फ्रीज कर दिया गया था, तब चड्ढा का नाम सूची में कैसे जोड़ा गया।

राघव चड्ढा के वोटर लिस्ट में नाम को लेकर विवाद, दिल्ली CEO कार्यालय ने दी सफाई; जानें क्या है नियम
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किए जाने को लेकर उठे सवालों के बीच दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। चुनाव कार्यालय ने कहा है कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम जोड़ने, हटाने या मौजूदा जानकारी में बदलाव की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और संबंधित फॉर्म के जरिए ही की जाती है। कार्यालय के मुताबिक, चड्ढा के मामले में नियमों के उल्लंघन या किसी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई है।

AAP ने उठाया था प्रक्रिया पर सवाल

आम आदमी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान प्रक्रिया का पालन किए बिना राघव चड्ढा का नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया। पार्टी ने सवाल उठाया था कि जब दिल्ली की मतदाता सूची को 16 जून को फ्रीज कर दिया गया था, तब चड्ढा का नाम सूची में कैसे जोड़ा गया। इस आरोप के बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया और चड्ढा के आवेदन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। अब दिल्ली के CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से संबंधित सभी बदलाव निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं।

तीन अलग-अलग फॉर्म से होता है काम

निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और मौजूदा प्रविष्टि में संशोधन के लिए फॉर्म-8 निर्धारित है। कार्यालय के मुताबिक, पात्र व्यक्ति साल में किसी भी समय मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकता है। आवेदन मिलने के बाद संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी यानी ERO स्तर पर उसकी जांच और प्रक्रिया पूरी की जाती है।

SIR के दौरान भी आए लाखों आवेदन

CEO कार्यालय ने बताया कि SIR के दौरान मतदाता सूची फ्रीज रहने के बावजूद करीब 2.14 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए थे। इन सभी आवेदनों पर ERO स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भी आवेदन आने का सिलसिला जारी रहा। 7 सितंबर तक करीब 25,011 अतिरिक्त फॉर्म-6 प्राप्त हुए। चुनाव कार्यालय के अनुसार, 8 सितंबर तक इनमें से करीब 700 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी थी।

4 नवंबर को आएगी अनुपूरक सूची

चुनाव कार्यालय ने यह भी बताया कि जिन नए आवेदनों को स्वीकृति मिल रही है, उनके आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाएंगे। स्वीकृत नए नाम 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अनुपूरक मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। इससे स्पष्ट है कि ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद भी पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं होती। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद योग्य पाए जाने वाले आवेदनों को मंजूरी दी जाती है।

राघव चड्ढा के मामले में क्या कहा कार्यालय ने?

राघव चड्ढा के नाम को लेकर उठे विवाद के बीच CEO कार्यालय का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की कार्रवाई नियमों के अनुरूप की गई है। कार्यालय ने किसी भी व्यक्ति के नाम को विशेष सुविधा देकर शामिल किए जाने के आरोप को खारिज करते हुए निर्धारित फॉर्म और प्रक्रिया का हवाला दिया है। दूसरी ओर, AAP ने SIR के दौरान मतदाता सूची फ्रीज होने का हवाला देते हुए सवाल उठाया था कि चड्ढा का नाम किस प्रक्रिया के तहत शामिल हुआ। अब चुनाव कार्यालय की सफाई के बाद इस विवाद का केंद्र आवेदन की तारीख, उसकी जांच और ERO स्तर पर अपनाई गई प्रक्रिया पर आ गया है।

फिलहाल निर्वाचन कार्यालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की व्यवस्था निर्धारित फॉर्म और नियमों के तहत चल रही है। ऐसे में राघव चड्ढा के नाम को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी प्रक्रिया और उसके रिकॉर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।


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