राघव चड्ढा ने आप की तुलना छोड़ी गई प्रेमिका से की, कहा- कहा कि मेरी याद में कहीं नसें न काट ले आप
इस पूरे विवाद का केंद्र अब दिल्ली की मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया बन गई है। AAP जहां आवेदन की तारीख और नाम जुड़ने के बीच कम समय को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं चड्ढा ने इन आरोपों को राजनीतिक हमले के तौर पर खारिज किया है।

नई दिल्ली: राजधानी की मतदाता सूची में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम जुड़ने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और चड्ढा के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने चड्ढा के वोट बनने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए तो भाजपा सांसद ने पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी पर व्यक्तिगत हमले किए। चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP की राजनीति अब लगातार उनका नाम लेने तक सीमित होती जा रही है।
वोट बनने की प्रक्रिया पर AAP ने उठाए सवाल
अनुराग ढांडा ने दावा किया कि राघव चड्ढा ने 26 अगस्त को दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा सीट के तहत अपना वोट बनवाने के लिए फॉर्म-6 दाखिल किया था। उनके मुताबिक, महज सात दिनों के भीतर 2 सितंबर को चड्ढा का नाम मतदाता सूची में जुड़ गया। ढांडा ने इसी समय-सीमा को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चड्ढा ने 3 सितंबर को पंजाब सरकार पर वोट कटवाने का आरोप लगाया था, जबकि उससे एक दिन पहले ही दिल्ली में उनका वोट बन चुका था। AAP नेता ने पूछा कि ऐसी स्थिति में चड्ढा की ओर से पंजाब में मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाने का आधार क्या था।
फॉर्म-6 या फॉर्म-8, AAP ने उठाया नियमों का मुद्दा
AAP के मुताबिक, यदि चड्ढा का नाम पहले से पंजाब की मतदाता सूची में दर्ज था और उन्हें दिल्ली में अपना पता बदलना था, तो उन्हें नए मतदाता के तौर पर आवेदन करने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत वोट ट्रांसफर कराने की जरूरत थी। ढांडा ने फॉर्म-8 के जरिए मतदाता विवरण या स्थानांतरण की प्रक्रिया का हवाला देते हुए चुनावी प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने नए EPIC नंबर जारी किए जाने, आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की नियुक्ति तथा सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा। AAP नेता ने राजेंद्र नगर में चड्ढा द्वारा दिए गए पते और पंडारा रोड स्थित उनके सरकारी आवास को लेकर भी चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
चड्ढा ने AAP पर किया तीखा पलटवार
इन आरोपों पर राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की स्थिति ऐसी हो गई है कि वह लगातार उनका नाम ले रही है। चड्ढा ने तंज कसते हुए कहा कि आप की हालत ऐसी हो गई है कि वह दिन-रात सिर्फ राघव चड्ढा का नाम ले रही है और अब वह उन्हें रात में सपने में भूत की तरह दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने आप की तुलना ऐसी पूर्व प्रेमिका से की, जिसे उसका प्रेमी छोड़कर आगे बढ़ चुका है, लेकिन वह अब भी उसके प्यार में पागल है और उससे उबर नहीं पा रही है। चड्ढा ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें डर है कि कहीं दिल टूटने के बाद आप उनकी याद में अपनी नसें न काट ले। इसे लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
चुनाव आयोग के नियमों पर बढ़ा फोकस
इस पूरे विवाद का केंद्र अब दिल्ली की मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया बन गई है। AAP जहां आवेदन की तारीख और नाम जुड़ने के बीच कम समय को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं चड्ढा ने इन आरोपों को राजनीतिक हमले के तौर पर खारिज किया है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, पता बदलने या मतदाता विवरण में संशोधन के लिए चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रियाएं लागू होती हैं। ऐसे में विवाद का अगला अहम पहलू यह होगा कि संबंधित चुनाव अधिकारी चड्ढा के आवेदन, दस्तावेजों और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर क्या स्पष्टीकरण देते हैं।
दिल्ली की राजनीति में नया विवाद
राघव चड्ढा को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और वोट जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया पहले से राजनीतिक बहस का विषय बनी हुई है। AAP लगातार मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि चड्ढा इन आरोपों को राजनीतिक निशाना बनाए जाने के तौर पर देख रहे हैं। फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों और जवाबी हमलों के बीच चुनाव आयोग की आधिकारिक स्थिति इस विवाद को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभा सकती है।


