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पुणे: एनसीडब्ल्यू ने लिया नाबालिग रेप और मर्डर केस का संज्ञान, आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने पर जोर

राष्ट्रीय महिला आयोग ने महाराष्ट्र के पुणे में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की अत्यंत वीभत्स घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है

पुणे: एनसीडब्ल्यू ने लिया नाबालिग रेप और मर्डर केस का संज्ञान, आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने पर जोर
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग ने महाराष्ट्र के पुणे में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की अत्यंत वीभत्स घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। यह जघन्य अपराध गहरी पीड़ा और आक्रोश उत्पन्न करता है तथा बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उजागर करता है।

आयोग ने इस घोर अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि ऐसे अपराध बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं और समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर जांच की निगरानी सुनिश्चित करने तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही, पीड़ित परिवार को त्वरित सहायता एवं मुआवजा, पॉक्सो के तहत समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया है। हर बालिका की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यह घटना 1 मई को नासरापुर में घटी, जहां नाबालिग लड़की गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी से मिलने आई थी। दोपहर लगभग 3:30 बजे एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने लड़की को बछड़ा दिखाने का लालच देकर घर से अपने साथ ले गया।

वह उसे पास के गौशाला में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता को चुप कराने के लिए उसने उसकी हत्या कर दी और उसके शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया।

जब बच्ची लापता हुई, तो परिवार ने उसकी तलाश में हड़बड़ी मचा दी। स्थानीय सीसीटीवी देखने पर संदिग्ध को बच्ची को गौशाला की ओर ले जाते हुए देखा गया। बाद में बच्ची का शव घटनास्थल से बरामद किया गया।

हत्या की प्रकृति ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया, ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की कि आरोपी को पुणे ग्रामीण पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जिसने उसे 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले का गंभीर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'मानवता पर कलंक' बताया।

उन्होंने पुणे ग्रामीण पुलिस को पुख्ता जांच करने का निर्देश दिया और घोषणा की कि मुकदमे की सुनवाई त्वरित न्यायालय में की जाएगी।


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