पुडुचेरी में CJP प्रवक्ता के परिवार से पुलिस की पूछताछ, सौरव दास ने लगाया धमकी का आरोप
सौरव दास के मुताबिक, पुलिस उनके पुडुचेरी स्थित परिवार के घर पहुंची और करीब दो घंटे पहले हुई इस कार्रवाई के दौरान परिजनों से कई सवाल किए गए। दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया।

चेन्नई : पुडुचेरी में काकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास के परिवार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दास ने आरोप लगाया है कि पुडुचेरी पुलिस उनके परिवार के घर पहुंची और परिजनों से कई तरह के सवाल पूछकर उन्हें धमकाने और परेशान करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कार्रवाई को नियमित सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। सौरव दास के मुताबिक, पुलिस उनके पुडुचेरी स्थित परिवार के घर पहुंची और करीब दो घंटे पहले हुई इस कार्रवाई के दौरान परिजनों से कई सवाल किए गए। दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर इस तरह की पूछताछ क्यों की जा रही है और इसके पीछे किसका आदेश है।
पुलिस के जरिए दबाव में लेने की कोशिश
दास ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को पुलिस के जरिए दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए दावा किया कि पुडुचेरी में भाजपा सरकार उनके परिवार को डराने का प्रयास कर रही है। दास ने यह भी आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई केंद्र सरकार के इशारे पर की जा रही है। CJP प्रवक्ता ने अपने पोस्ट में कहा कि अगर पुलिस या सरकार का मकसद उन्हें चुप कराना है, तो यह प्रयास सफल नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई उन्हें कमजोर नहीं कर सकती। दास ने अपनी बात रखते हुए पुडुचेरी में हालिया राजनीतिक गतिविधियों का भी जिक्र किया।
अमित शाह के हालिया पुडुचेरी दौरे का उल्लेख
दास ने विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया पुडुचेरी दौरे का उल्लेख किया। उनके अनुसार, अमित शाह दो दिन पहले पुडुचेरी पहुंचे थे और इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के तौर पर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकें की थीं। दास ने इसी घटनाक्रम को पुलिस की कार्रवाई से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है। हालांकि, पुडुचेरी पुलिस ने सौरव दास के आरोपों को खारिज कर दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि पुलिस टीम ने दास के रिश्तेदारों के घर का दौरा जरूर किया था, लेकिन इसका उद्देश्य किसी को धमकाना या परेशान करना नहीं था।
पुलिस ने नियमित सुरक्षा अभ्यास बताया
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवेदनशील और महत्वपूर्ण मार्गों के आसपास रहने वाले लोगों के घरों का दौरा किया जाता है। इस दौरान पुलिस कुछ सामान्य सवाल पूछती है और इलाके से जुड़ी सुरक्षा संबंधी जानकारी जुटाती है। अधिकारी ने इसे नियमित सुरक्षा अभ्यास बताया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के दौरे का किसी राजनीतिक गतिविधि या व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने से कोई संबंध नहीं है।
अधिकारी ने सौरव दास के परिवार के साथ कथित उत्पीड़न और धमकी के आरोपों को भी खारिज किया। फिलहाल, इस मामले में CJP प्रवक्ता के आरोप और पुलिस के स्पष्टीकरण ने पुडुचेरी में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। एक तरफ दास इसे दबाव बनाने की कोशिश बता रहे हैं, वहीं पुलिस इसे स्वतंत्रता दिवस से पहले की सामान्य सुरक्षा कवायद बता रही है। ऐसे में अब सवाल यही है कि पुलिस के दौरे को लेकर सामने आए दोनों दावों में से वास्तविक स्थिति क्या थी।


