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प्रियंका चतुर्वेदी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के लिए 'सिंडिकेट' को जिम्मेदार ठहराया

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा कथित धांधली के कारण नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद, शिवसेना-यूबीटी नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने दावा किया कि प्रश्नपत्र लीक के लिए एक 'सिंडिकेट' और 'दलालों की व्यवस्था' जिम्मेदार है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के लिए सिंडिकेट को जिम्मेदार ठहराया
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा कथित धांधली के कारण नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद, शिवसेना-यूबीटी नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मंगलवार को दावा किया कि प्रश्नपत्र लीक के लिए एक 'सिंडिकेट' और 'दलालों की व्यवस्था' जिम्मेदार है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में चतुर्वेदी ने कहा कि एक प्रश्नपत्र लीक करने वाला सिंडिकेट और दलालों की व्यवस्था बनाई गई है, जो इस सरकार के शासन में बेखौफ होकर काम कर रही है।

उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर जवाबदेही न लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है।

पूर्व सांसद ने परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों की मानसिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि घंटों की मेहनत के बाद छात्रों को बताया गया है कि उनकी परीक्षा रद्द कर दी गई है। अब उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए फिर से वही मेहनत करनी पड़ेगी।

शिवसेना-यूबीटी नेता ने आगे कहा कि उन छात्रों के माता-पिता क्या महसूस कर रहे होंगे, जिन्होंने अपने बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए इतनी मेहनत की।

2024 में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि यह वही सरकार और वही शिक्षा मंत्री हैं जिनके कार्यकाल में तब भी परीक्षा का पेपर लीक हुआ था।

उन्होंने दावा किया कि 2024 के नीट परीक्षा पेपर लीक कांड के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि एनटीए को और मजबूत करने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।

पूर्व सांसद ने कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि जांच रिपोर्ट क्या थी और समिति गठन का क्या परिणाम निकला? सरकार ने जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की?

उन्होंने पूछा कि कब तक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली ऐसी घटनाएं होती रहेंगी?

इसके अलावा, चतुर्वेदी ने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती स्तर पर ही उपाय किए जाने चाहिए ताकि सजा की नौबत न आए।

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निवारक उपाय क्यों नहीं करती?


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