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खान सर कोचिंग सेंटर विवाद पर सियासत तेज, जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग सेंटर संचालक फैजल खान उर्फ खान सर से जुड़े मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है

खान सर कोचिंग सेंटर विवाद पर सियासत तेज, जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
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नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग सेंटर संचालक फैजल खान उर्फ खान सर से जुड़े मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस मामले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। जहां कुछ नेताओं ने मामले की गहन जांच की आवश्यकता बताई है, कुछ ने इसे शिक्षा व्यवस्था और मीडिया की कार्यशैली से जोड़कर भी देखा है।

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार है और राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं। ऐसे में प्रशासन और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि कोई निर्दोष है तो उसे किसी भी प्रकार से प्रताड़ित या निशाना नहीं बनाना चाहिए। अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए, वहीं निर्दोष लोगों को परेशान करने से भी बचना चाहिए।

खान सर के बारे में पूछे जाने पर आनंद दुबे ने कहा कि वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर वह उन्हें एक शिक्षक के रूप में जानते हैं, जो छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं।

उन्होंने कहा कि खान सर की शिक्षण शैली, उनकी फीस संरचना और उनके संस्थान की कार्यप्रणाली के बारे में सबसे बेहतर जानकारी उनके छात्रों और उनसे जुड़े लोगों के पास ही हो सकती है। यूपीएससी, एसएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र ही उनके शिक्षण कार्य का सही मूल्यांकन कर सकते हैं।

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि खान सर को किसी असाधारण या महान शिक्षक के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है, क्योंकि वह एक कोचिंग संस्थान का संचालन करते हैं और यह एक व्यावसायिक गतिविधि है। यह मामला शिक्षा व्यवस्था की उन खामियों को भी उजागर करता है, जिनके कारण कोचिंग उद्योग तेजी से बढ़ा है।

वहीं राज्य सरकार की ओर से मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना का संज्ञान प्रशासन और पुलिस ने लिया है तथा सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो भी कानूनी प्रक्रिया आवश्यक होगी, उसे पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा।


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