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मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी की कूटनीतिक पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला- II से टेलीफोन पर बातचीत कर मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की

मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी की कूटनीतिक पहल
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मोदी–किंग अब्दुल्ला बातचीत: जॉर्डन की सुरक्षा पर भारत का समर्थन

  • तनाव के बीच भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर पीएम मोदी की चिंता
  • जॉर्डन ने हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद किया, बढ़ा संकट का असर
  • भारत ने फिर दोहराई अपील: संयम, संवाद और शांति से समाधान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला- II से टेलीफोन पर बातचीत कर मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है और जवाबी हमलों तथा मिसाइल हमलों के चलते पड़ोसी देश भी इसकी चपेट में आ गए हैं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने जॉर्डन के किंग से क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और जॉर्डन की शांति, सुरक्षा तथा वहां के लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

पीएम मोदी ने मौजूदा संकट के दौरान जॉर्डन में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए किंग अब्दुल्ला द्वितीय का आभार भी जताया।

बताया जा रहा है कि जॉर्डन भी इस संघर्ष से प्रभावित हुआ है। उसके हवाई क्षेत्र में कई प्रक्षेपास्त्रों को इंटरसेप्ट किया गया, जिससे कुछ स्थानों पर घायल होने और संपत्ति को नुकसान की खबरें हैं।

सुरक्षा हालात को देखते हुए जॉर्डन ने एहतियातन रात के समय अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद करने का फैसला किया है, ताकि नागरिक उड्डयन को सुरक्षित रखा जा सके। क्षेत्र के अन्य देशों ने भी जोखिम बढ़ने के मद्देनजर उड़ानों पर पाबंदियां लगाई हैं।

किंग अब्दुल्ला द्वितीय से यह बातचीत पीएम मोदी की बहरीन और सऊदी अरब के नेताओं से हुई चर्चाओं के बाद हुई है, जिनमें उन्होंने उनकी संप्रभुता पर हुए हमलों की निंदा की थी और भारत की एकजुटता जताई थी।

इन उच्चस्तरीय संपर्कों से स्पष्ट है कि भारत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अपने बड़े प्रवासी भारतीय समुदाय की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता व तनाव कम करने की वकालत कर रहा है।

व्यापक संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है, कई देशों ने हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध लगाए हैं और व्यापार मार्गों, ऊर्जा आपूर्ति तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार संयम, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर भारत और जॉर्डन के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित किया, जो आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित हैं।


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