Top
Begin typing your search above and press return to search.

16 फरवरी का पंचांग: फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग

सनातन धर्म में पंचांग का बहुत महत्व है। यह रोजाना के शुभ-अशुभ समय की जानकारी देने के साथ ही पर्व-त्योहार के बारे में जानकारी भी देता है

16 फरवरी का पंचांग: फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग
X

शुभ-अशुभ समय नोट करें: ब्रह्म मुहूर्त से लेकर राहुकाल तक का पूरा विवरण

  • श्रवण नक्षत्र से धनिष्ठा तक, आज का दिन क्यों है खास
  • सोमवार को शिव पूजन का महत्व, चतुर्दशी तिथि पर महादेव की आराधना
  • गोधूलि, विजय और अभिजित मुहूर्त में करें शुभ कार्य, राहुकाल से रहें सावधान

नई दिल्ली। सनातन धर्म में पंचांग का बहुत महत्व है। यह रोजाना के शुभ-अशुभ समय की जानकारी देने के साथ ही पर्व-त्योहार के बारे में जानकारी भी देता है। 16 फरवरी को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह तिथि शाम 5 बजकर 34 मिनट तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद अमावस्या शुरू हो जाएगी। उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन चतुर्दशी तिथि रहेगी।

16 फरवरी को सोमवार है। इस दिन चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेंगे। सूर्योदय 6 बजकर 59 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 12 मिनट पर होगा। नक्षत्र की बात करें तो श्रवण नक्षत्र शाम 8 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। योग वरीयान 17 फरवरी की सुबह 1 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। करण शकुनि शाम 5 बजकर 34 मिनट तक प्रभावी है।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 59 मिनट से शाम 8 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। यह योग सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। अगर कोई नया काम, पूजा, विवाह या अन्य महत्वपूर्ण कार्य शुरू करना चाहते हैं तो इस समय का लाभ उठा सकते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 16 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 28 मिनट से 3 बजकर 12 मिनट तक है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 9 मिनट से 6 बजकर 35 मिनट तक है। अमृत काल सुबह 9 बजकर 58 मिनट से 11 बजकर 38 मिनट तक है। ये समय सर्वोत्तम माने जाते हैं।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 8 बजकर 23 मिनट से 9 बजकर 47 मिनट तक है। यमगंड सुबह 11 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक है। गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 59 से 3 बजकर 24 मिनट तक है। दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 58 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट तक है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में कोई भी नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। सोमवार को आडल योग सुबह 6 बजकर 59 मिनट से शाम 8 बजकर 47 मिनट तक है। इनमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

सोमवार को चतुर्दशी तिथि है, जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। देवाधिदेव महादेव को समर्पित इस दिन शिव गौरी के पूजन का विशेष महत्व है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it