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रामलीला मैदान की रैली से पहले इंडिया गठबंधन का मंथन, मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं ने की बैठक

बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मामलों की सच्चाई जनता के सामने लाना चाहता है। गोगोई के मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य यह सवाल उठाना है कि कथित गड़बड़ियां कैसे हुईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

रामलीला मैदान की रैली से पहले इंडिया गठबंधन का मंथन, मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं ने की बैठक
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नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने अपना विरोध तेज करने की तैयारी कर ली है। इसी सिलसिले में गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। इसमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता शामिल हुए। बैठक में प्रस्तावित ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोप विपक्ष के दावे हैं।

भाजपा पर चुनावी गड़बड़ियां छिपाने का आरोप

बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मामलों की सच्चाई जनता के सामने लाना चाहता है। गोगोई के मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य यह सवाल उठाना है कि कथित गड़बड़ियां कैसे हुईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंकाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

खरगे के आवास पर 30 अक्टूबर को ‘जनता का महाभियोग’

कांग्रेस नेता जयराम रमेश के अनुसार, विपक्षी गठबंधन 30 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे नई दिल्ली स्थित मल्लिकार्जुन खरगे के आवास, 10 राजाजी मार्ग पर ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करेगा। विपक्ष का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं किया और चुनावी लोकतंत्र को कमजोर किया है। विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। एसआईआर को लेकर भी विपक्ष लगातार विरोध दर्ज करा रहा है।

सीजेपी ने आइएनडीआइए की रैली को दिया समर्थन

काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक नवंबर को प्रस्तावित आइएनडीआइए की रैली का समर्थन करने की घोषणा की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ने योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता पैदा की है। दीपके ने अपने बयान में कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी प्रत्येक योग्य नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, डॉ. बीआर आंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव जनता के भरोसे पर रखी गई थी। सीजेपी ने स्पष्ट किया कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए संघर्ष कर रहे संगठनों के साथ खड़ी रहेगी।

रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली

विपक्षी दलों ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की योजना बनाई है। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि आने वाले दिनों में विपक्ष का आंदोलन और तेज हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि रैली के बाद भी विरोध जारी रहेगा। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि लोकतंत्र में प्रतीकात्मक विरोध की अपनी अहमियत है। उनके मुताबिक, जब विपक्ष को संसद में अपने मुद्दे उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता, तो जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए दूसरे माध्यमों का सहारा लेना पड़ता है।

दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए दी एनओसी

दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था से जुड़ी शर्तों के साथ एक नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दिया है। हालांकि, आयोजन के लिए संबंधित भूमि स्वामित्व एजेंसी की अनुमति लेना और पुलिस की निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रस्तावित कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। पुलिस ने रात में आयोजन स्थल पर रुकने पर रोक समेत कई शर्तें रखी हैं। इससे पहले विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान मध्य दिल्ली में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। विपक्षी दलों ने साफ किया है कि चुनाव आयोग की जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर उनका आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में होने वाले दोनों कार्यक्रमों पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।


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