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देश में दूध की आपूर्ति सामान्य, डेयरी प्लांट्स को पहले के मुकाबले 70 प्रतिशत तक एलपीजी सप्लाई जारी: सरकार

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने मंगलवार को बताया कि देश में दूध की खरीद, प्रोसेसिंग और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है

देश में दूध की आपूर्ति सामान्य, डेयरी प्लांट्स को पहले के मुकाबले 70 प्रतिशत तक एलपीजी सप्लाई जारी: सरकार
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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने मंगलवार को बताया कि देश में दूध की खरीद, प्रोसेसिंग और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सरकार ने नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित इंटर-मिनिस्ट्री ब्रीफिंग के दौरान बताया कि डेयरी सेक्टर पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ा है और बाजार में दूध व डेयरी उत्पादों की उपलब्धता स्थिर है।

बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने जानकारी दी कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर कई अहम कदम उठाए गए हैं, ताकि डेयरी सप्लाई चेन में कोई बाधा न आए। सरकार ने यह भी बताया कि इस पूरे संकट के दौरान दूध उत्पादकों को भुगतान भी लगातार जारी रहा है, जिससे किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

सरकार के अनुसार, डेयरी सेक्टर की स्थिति की समीक्षा के लिए नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 8 अप्रैल 2026 के आदेश के तहत डेयरी प्लांट्स को पहले के मुकाबले 70 प्रतिशत तक एलपीजी सप्लाई जारी रखने का फैसला लिया गया, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो। साथ ही, जहां संभव हो वहां एलपीजी की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह भी दी गई है।

पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। पेट्रोकेमिकल जॉइंट वर्किंग ग्रुप के जरिए डेयरी सेक्टर के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके तहत प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए जरूरी एलडीपीई (एलडीपीई) की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, साथ ही पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीस्टाइरीन जैसी सामग्रियों की सप्लाई भी जारी रखने का आश्वासन दिया गया है। विभाग देश भर में पैकेजिंग सप्लायर्स के साथ लगातार संपर्क में है ताकि सप्लाई चेन सुचारू बनी रहे।

20 अप्रैल 2026 को देश भर के राज्य दुग्ध संघों और मिल्क यूनियनों के साथ एक बैठक भी की गई, जिसमें यह पाया गया कि डेयरी सेक्टर में ईंधन और पैकेजिंग सामग्री की कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

इसके अलावा, 30 मार्च 2026 को एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके जरिए सभी राज्य फेडरेशन और मिल्क यूनियन रोजाना दूध की उपलब्धता, ईंधन और पैकेजिंग सामग्री की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। इससे रियल-टाइम में सप्लाई चेन पर नजर रखने में मदद मिल रही है।

निर्यात के मोर्चे पर भी सरकार ने राहत दी है। 25 मार्च 2026 से पशु क्वारंटाइन क्लियरेंस प्रक्रिया को आसान बनाया गया है, ताकि निर्यात किए गए माल की भारत वापसी में किसी तरह की परेशानी न हो।


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