तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल, विदेश मंत्री जयशंकर से करेंगे मुलाकात
लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल का सोमवार सुबह नई दिल्ली पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। उप प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल की यह आधिकारिक यात्रा तीन दिवसीय रहने वाली है।

नई दिल्ली। लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल का सोमवार सुबह नई दिल्ली पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। उप प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल की यह आधिकारिक यात्रा तीन दिवसीय रहने वाली है।
यात्रा के पहले ही दिन, सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उप प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की वार्ता होगी। यह वार्ता दोनों देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल के आगमन की जानकारी साझा की।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, ''लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल का नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत है। उनकी यह आधिकारिक भारत यात्रा भारत और लक्जमबर्ग के बीच विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद रिश्तों को और मजबूत बनाने का एक अच्छा अवसर प्रदान करती है।''
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, उप प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल मंगलवार को चेन्नई जाएंगे, जहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास कैंपस का दौरा करेंगे। विदेश मंत्री जयशंकर की जनवरी में लक्जमबर्ग की आधिकारिक यात्रा के दौरान, बेटेल ने भारत के साथ संबंधों को गहरा करने का आह्वान किया था और लक्जमबर्ग के तकनीकी, डिजिटल और वित्तीय क्षेत्रों के विकास में भारतीय समुदाय द्वारा निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला था।
इस दौरान बेटेल ने विदेश मंत्री जयशंकर के साथ बैठक के दौरान अपने शुरुआती संबोधन में कहा था, "मैं डॉ. जयशंकर का लक्जमबर्ग में स्वागत करना चाहता हूं और मैं बस यही कहना चाहता था कि मुझे ऐसे लोग पसंद हैं जो कुछ कहते हैं और उसे करते भी हैं। आपने पिछले साल जब हम दिल्ली में मिले थे, तब मुझसे कहा था कि आप लक्जमबर्ग आएंगे और आप यहां हैं।"
उन्होंने कहा कि मैं इसकी बहुत सराहना करता हूं। हमारे लिए दोनों देशों के बीच संबंधों का एक लंबा इतिहास रहा है। आपको पता होना चाहिए कि भारतीय मूल के लोगों का लक्जमबर्ग में 10वां सबसे बड़ा समुदाय है।
बेटेल ने विश्वास जताया कि विदेश मंत्री जयशंकर के साथ उनकी चर्चा के बाद भारत और लक्जमबर्ग के बीच संबंध और गहरे होंगे।


