जामिया मिलिया इस्लामिया में 14वें दिन प्रदर्शन जारी, छात्र संघ की बहाली समेत 3 मांगों पर अड़े छात्र
दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ के गठन की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन 14वें दिन भी जारी रहा। छात्र कैंपस के भीतर धरना दे रहे हैं, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने छात्र संघ की बहाली, निलंबित छात्रों को का निलंबन समाप्त करने और प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के आरोपों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ के गठन की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन 14वें दिन भी जारी रहा। छात्र कैंपस के भीतर धरना दे रहे हैं, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने छात्र संघ की बहाली, निलंबित छात्रों को का निलंबन समाप्त करने और प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के आरोपों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जामिया मिलिया इस्लामिया में जारी धरना-प्रदर्शन के बीच छात्र अनीश खान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि शुरुआत में उनकी मुख्य मांग छात्र संघ की बहाली थी, लेकिन अब आंदोलन से जुड़े मुद्दे बढ़कर तीन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पहली मांग छात्र संघ को बहाल करने की है। दूसरी मांग 17 अक्टूबर को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर है। उनका आरोप है कि उस दौरान छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और कई छात्रों को निलंबन, कारण बताओ नोटिस तथा कैंपस प्रतिबंध जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
उन्होंने इन सभी आदेशों को वापस लेने की मांग की। अनीश खान ने कहा कि तीसरी मांग उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिन पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर के इस्तीफे की भी मांग की।
फरहान इसराइल ने कहा, "जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ की बहाली होनी चाहिए। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर और चीफ सिक्योरिटी एडवाइजर का इस्तीफा होना चाहिए। इसके अलावा छात्रों के खिलाफ जो कार्रवाई की गई है, उसको खत्म किया जाए।"
दीवारों पर विवादित स्लोगन लिखने पर फरहान इसराइल ने कहा, "अभी तक किसी स्लोगन लिखे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। अगर लिखे भी होंगे तो वह आरएसएस और एबीवीपी के लोगों ने लिखे होंगे। हमारे मुद्दों से भटकाने के लिए ऐसे कार्य किए जा रहे हैं। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन हमारा आंदोलन जबरन खत्म कराना चाह रहा है, इसलिए फोर्स तैनात कर रखी है।"
वहीं, विरोध-प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय ने सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था से कई छात्रों को परेशानी हुई है। विश्वविद्यालय पहुंचे छात्रों ने कहा कि प्रदर्शन के कारण परेशानी हो रही है।


