केन्या में भारतीय नौसेना ने छोटे हथियारों एवं गोला-बारूद के रखरखाव का किया अभ्यास
भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट, आईएनएस त्रिकंद, ने केन्या से आगे का सफर शुरू कर दिया है। इसी सप्ताह यह भारतीय युद्धपोत केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर पहुंचा था

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट, आईएनएस त्रिकंद, ने केन्या से आगे का सफर शुरू कर दिया है। इसी सप्ताह यह भारतीय युद्धपोत केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर पहुंचा था। यहां भारत ने केन्याई सुरक्षा बलों को 100 आधुनिक राइफलें और करीब 50 हजार गोलियां सौंपी थीं।
भारत का कहना है कि वह केन्याई रक्षा बलों को एमआरआई मशीन भी मुहैया कराएगा। केन्या की यात्रा समाप्त करने से पहले यहां दोनों देशों की नौसेनाओं ने एक संयुक्त अभ्यास भी किया। दरअसल इस अत्याधुनिक भारतीय युद्धपोत के केन्या आगमन का उद्देश्य भारत और केन्या के बीच समुद्री सहयोग को सुदृढ़ करना व दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करना था।
रक्षा मंत्रालय ने रविवार को इस विषय में जानकारी देते हुए बताया कि युद्धपोत ‘त्रिकंद’ दक्षिण-पश्चिम हिन्द महासागर क्षेत्र में अपनी ऑपरेशनल तैनाती के तहत यहां पहुंचा था। यह दौरा तब हुआ जब पश्चिमी नौसैनिक कमान के कमांडर-इन-चीफ उप-नौसेनाध्यक्ष कृष्णा स्वामीनाथन भी केन्या यात्रा पर थे। यही कारण है कि इस यात्रा का सामरिक महत्व कहीं अधिक रहा।
भारतीय पोत के मोम्बासा प्रवास के दौरान यहां कई पेशेवर, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं। भारतीय युद्धपोत के कमांडिंग अधिकारी यहां केन्या की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इन मुलाकातों का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ और सहयोग को और बढ़ावा देना रहा। इस यात्रा के दौरान भारत और केन्या के बीच उच्चस्तरीय रक्षा संवाद हुआ।
भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वाइका और उप-नौसेनाध्यक्ष कृष्णा स्वामीनाथन ने केन्या के रक्षा सचिव डॉ. पैट्रिक मरिरु से भेंट की। इस उच्चस्तरीय चर्चा में दोनों पक्षों ने सैन्य नेतृत्व के नियमित उच्चस्तरीय दौरों, संस्थागत बैठकों तथा बढ़ते रक्षा सहयोग की सराहना की। केन्या में इस दौरान छोटे हथियारों और गोला-बारूद के रखरखाव के अभ्यास किए गए। इसके अलावा विजिट बोर्ड सर्च एंड सीजर क्रॉस डेक विजिट, सामुदायिक सेवा, खेल प्रतियोगिताएं और योग सत्र इस यात्रा का हिस्सा थे।
आईएनएस त्रिकंद के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने केन्या नौसेना बेड़े के कमांडर ब्रिगेडियर मोहम्मद शी शेमोटे से भेंट की। केन्या में इस भारतीय युद्धपोत पर एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय जहाज अब आगे की ऑपरेशनल तैनाती के लिए रवाना हो चुका है। मोम्बासा बंदरगाह पर इसका प्रवास भारत के महासागर (क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस यात्रा से सौहार्द, पारस्परिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूती मिली है।


