Top
Begin typing your search above and press return to search.

हिमाचल दिवस: प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने दी शुभकामनाएं

देवभूमि हिमाचल प्रदेश आज स्थापना दिवस मना रहा है। 15 अप्रैल 1948 को 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों को मिलाकर एक मुख्य आयुक्त प्रांत के रूप में हिमाचल का गठन हुआ था

हिमाचल दिवस: प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने दी शुभकामनाएं
X

नई दिल्ली। देवभूमि हिमाचल प्रदेश आज स्थापना दिवस मना रहा है। 15 अप्रैल 1948 को 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों को मिलाकर एक मुख्य आयुक्त प्रांत के रूप में हिमाचल का गठन हुआ था। 25 जनवरी 1971 को इसे पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ, लेकिन स्थापना का मुख्य दिवस 15 अप्रैल को मनाया जाता है। हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है, "समस्त हिमाचलवासियों को हिमाचल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह पावन देवभूमि अपनी समृद्ध परंपराओं, अनुपम सांस्कृतिक धरोहर और यहां के लोगों की कर्मठता, कर्तव्यनिष्ठा और विनम्रता के कारण विशेष पहचान रखती है। इस पुनीत अवसर पर मैं प्रदेश के सभी परिवारजनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।"

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा है, "हिमाचल दिवस के अवसर पर हम अपने किसानों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हैं, जिनके परिश्रम से हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ और जीवंत बनी हुई है। हमारी सरकार ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार अदरक को एमएसपी के दायरे में शामिल किया है, जिसके लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का मूल्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, किसानों के हितों को सशक्त और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने के लिए पहली बार किसान आयोग का गठन किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए तथा उनके अधिकारों को और अधिक मजबूत किया जाए।"

वहीं, कांग्रेस ने देवभूमि हिमाचल की जनता को हिमाचल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

हिमाचल प्रदेश सरकार की सरकारी वेबसाइट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश 15 अप्रैल, 1948 को भारतीय संघ के एक भाग-राज्य (सी) के रूप में अस्तित्व में आया, जिसमें बघत, भज्जी, बघल, बीजा, बलसेन, बुशहर, चंबा, दरबोटी, देलोठ-धाड़ी, धामी, घुंड, जुब्बल, खानेती, क्यारहोटी, कुमारसैन, कुनिहार, कुठार, मंडी, मधान, महलो, मंगल, कोट (रतेश), क्योंथल, राविनीगढ़, संगरी, सिरमौर, सुहेत, थारोच, थियोग आदि 30 छोटे-बड़े पहाड़ी राज्यों को एकीकृत किया गया था। उस समय ये सभी क्षेत्र चार जिलों का हिस्सा थे।

1954 में पड़ोसी राज्य बिलासपुर को हिमाचल प्रदेश में शामिल किया गया। हिमाचल प्रदेश 1956 तक भारतीय संघ का भाग "सी" राज्य बना रहा। 1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग ने राज्यों को भाग ए, बी, सी आदि श्रेणियों में वर्गीकृत करने की प्रथा को समाप्त करने की सिफारिश की। 25 जनवरी, 1971 को राज्य का दर्जा मिलने तक हिमाचल प्रदेश का केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा बना रहा। 1960 में महासू जिले की सीमावर्ती चीनी तहसील को एक अलग प्रशासनिक इकाई के रूप में गठित किया गया और किन्नौर जिले का गठन हुआ, जिससे जिलों की कुल संख्या में वृद्धि हुई।

1 नवंबर, 1966 को तत्कालीन पंजाब राज्य का पुनर्गठन किया गया, जिसमें हरियाणा को एक अलग राज्य के रूप में गठित किया गया और कुल्लू, कांगड़ा, शिमला और होशियारपुर जिले के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों तथा गुरदासपुर जिले के डलहौजी का हिमाचल प्रदेश में विलय कर दिया गया तथा चार नए जिले कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और शिमला बनाए गए।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it