सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी शिफ्टिंग मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण सरकारी पुस्तकालयों में शामिल केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय (सीएसएल) को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसकी सुनवाई तय की है

नई दिल्ली। देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण सरकारी पुस्तकालयों में शामिल केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय (सीएसएल) को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसकी सुनवाई तय की है।
सेंट्रल विस्टा परियोजना से जुड़ा है मामला
यह पुस्तकालय फिलहाल नई दिल्ली के शास्त्री भवन में स्थित है। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत इस भवन को हटाने की योजना है, जिसके चलते पुस्तकालय को दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव सामने आया है।
135 साल पुराना है पुस्तकालय
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन संचालित इस पुस्तकालय की शुरुआत वर्ष 1891 में कोलकाता में 'इंपीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी' के रूप में हुई थी। देश की राजधानी दिल्ली स्थानांतरित होने के बाद इसे भी यहां लाया गया और वर्ष 1969 से यह शास्त्री भवन में संचालित हो रहा है।
8.5 लाख से अधिक पुस्तकों का संग्रह
यह राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा केंद्रीय सरकारी पुस्तकालय माना जाता है। करीब 5,500 वर्गमीटर क्षेत्र में फैले इस पुस्तकालय में 8.5 लाख से अधिक पुस्तकें, सरकारी दस्तावेज, राजपत्र, दुर्लभ प्रकाशन और ऐतिहासिक अभिलेख सुरक्षित हैं।
नई जगह को लेकर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, संस्कृति मंत्रालय ने पुस्तकालय के लिए पुनर्विकसित परिसर में करीब 5,466 वर्गमीटर स्थान की मांग की थी। हालांकि बाद में कर्तव्य भवन-2 में केवल दो कमरों, लगभग 300 वर्गमीटर क्षेत्र, का प्रस्ताव सामने आया।
पुस्तकालय के भविष्य पर नजर
कम जगह के प्रस्ताव के बाद पुस्तकालय के विशाल संग्रह और उसकी उपयोगिता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला इस ऐतिहासिक पुस्तकालय के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।


