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वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने पर दिया जोर

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी 3एम से भारत में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी), उन्नत विनिर्माण और स्थानीय आपूर्ति शृंखला विकास में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया।

वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने पर दिया जोर
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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी 3एम से भारत में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी), उन्नत विनिर्माण और स्थानीय आपूर्ति शृंखला विकास में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से प्रौद्योगिकी, नवाचार और वैश्विक विनिर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है और वैश्विक कंपनियों के लिए यहां व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।

वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने यह बात अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना के एशविल में आयोजित जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान 3एम के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विलियम ब्राउन के साथ हुई बैठक में कही। यह मुलाकात बैठक के इतर आयोजित विभिन्न द्विपक्षीय कार्यक्रमों का हिस्सा थी।

दोनों पक्षों के बीच हुई चर्चा का मुख्य विषय भारत में 3एम की भागीदारी को और मजबूत बनाना था। बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि भारत अब केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी विकास और नवाचार-आधारित उत्पादन का वैश्विक मंच बनता जा रहा है।

मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान डेटा सुरक्षा, तकनीकी विकास तथा भारतीय प्रतिभा को घरेलू औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के पास कुशल मानव संसाधन, मजबूत विनिर्माण क्षमता और तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक ढांचा है, जिसका लाभ उठाकर 3एम अपने अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रमों का विस्तार कर सकती है।

निर्मला सीतारमण ने 3एम से स्थानीयकरण बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों का विस्तार करने और नई प्रौद्योगिकियों के विकास में अधिक निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत में विकसित नवाचार केवल घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को भी मजबूत कर सकते हैं।

उन्होंने कंपनी से उन्नत विनिर्माण क्षमताओं, स्थानीय आपूर्ति शृंखला नेटवर्क और आरएंडडी केंद्रों में निवेश बढ़ाने की अपील की। वित्त मंत्री का कहना था कि भारत की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और विशाल प्रतिभा आधार वैश्विक कंपनियों को दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान कर सकता है।

वहीं 3एम के चेयरमैन एवं सीईओ विलियम ब्राउन ने भारत में उपलब्ध विशाल प्रतिभा संसाधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में प्रौद्योगिकी विकास और स्थानीय बाजार दोनों के क्षेत्र में पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। ब्राउन ने भारत सरकार द्वारा आर्थिक और संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से उद्योगों को दिए जा रहे समर्थन की भी प्रशंसा की।

वित्त मंत्री ने 3एम द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था में जताए गए विश्वास का स्वागत किया और कंपनी की भारत में मौजूदगी को और विस्तार देने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार वैश्विक कंपनियों के लिए एक अनुकूल और प्रतिस्पर्धी कारोबारी वातावरण तैयार करने के लिए लगातार सुधारों पर काम कर रही है।

गौरतलब है कि निर्मला सीतारमण अगले दो दिनों तक एशविल में जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक तथा उससे जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इससे पहले वह दक्षिण कैरोलिना के ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचीं, जहां अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया।


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