ई-गवर्नेंस इन इंडिया : पुस्तक का विमोचन एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित आयोजन
विश्व पुस्तक मेला के अवसर पर “ई-गवर्नेंस इन इंडिया: पुस्तक का विमोचन एवं परिचर्चा का आयोजन हॉल 5A,भारत मंडपम के लेखक कॉर्नर मंच में किया गया

प्रो. संगीता ढाल की पुस्तक ने खोले प्रशासनिक सुधार के नए आयाम
- डिजिटल तकनीक से पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
- नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की आसान पहुँच पर चर्चा
- शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम बना खास
नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेला के अवसर पर “ई-गवर्नेंस इन इंडिया: पुस्तक का विमोचन एवं परिचर्चा का आयोजन हॉल 5A,भारत मंडपम के लेखक कॉर्नर मंच में किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पुस्तक की लेखिका प्रो.संगीता ढाल ने संक्षिप्त भूमिका प्रस्तुति करते हुए, पुस्तक के विषय और उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया। इस परिचर्चा के दौरान अतिथि वक्ता प्रो.रेखा सक्सेना ने डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही आदि पहलुओं पर अपनी बात रखी। इस परिचर्चा की दूसरी अतिथि वक्ता प्रो.चारु मल्होत्रा ने इस पुस्तक में निहित नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की पहुँच को आसान बनाने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार व्यक्त किए।
इस पुस्तक के दूसरे लेखक प्रो.नचिकेता सिंह ने अपनी पुस्तक के महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित करते बताया कि ई-गवर्नेंस किस प्रकार शासन प्रणाली को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जन–केंद्रित बना रही है।
कार्यक्रम में कई महाविद्यालयों के शिक्षकों, विद्यार्थियों और पाठकों की सक्रिय भागीदारी रही।


