मास्को की वर्ल्ड पीपल्स असेंबली में व्याख्यान देंगे डॉ. मनीष चौधरी, खुशी और मानव कल्याण पर रखेंगे भारतीय दृष्टिकोण
डॉ. मनीष चौधरी 18 सितंबर को आयोजित पैनल सत्र ‘आधुनिक विश्व में खुशी के व्यक्तिगत और सामाजिक-सांस्कृतिक संकेतक’ में वक्ता के रूप में हिस्सा लेंगे। इस सत्र में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ यह चर्चा होगी कि आधुनिक समाज में खुशी को किस तरह समझा जाता है और इसके व्यक्तिगत, सामाजिक तथा सांस्कृतिक आयाम क्या हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित दौलत राम कॉलेज के सहायक प्रोफेसर और ‘रिस्पेक्ट इंडिया’ के संस्थापक डॉ. मनीष कुमार चौधरी को मॉस्को में आयोजित होने वाली वर्ल्ड पीपल्स असेंबली 2026 में वक्ता के तौर पर आमंत्रित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच साझा मूल्यों, संवाद और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
150 से अधिक देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
वर्ल्ड पीपल्स असेंबली की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का विषय ‘नई दुनिया: मूल्य जो जोड़ते हैं’ रखा गया है। आयोजकों के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर 150 से अधिक देशों के करीब 500 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें सार्वजनिक कूटनीति, सरकारी संस्थानों, राजनयिक मिशनों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज, शिक्षा, संस्कृति, व्यवसाय और युवा संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस आयोजन को विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखा जा रहा है। बदलती दुनिया में सहयोग और साझा मूल्यों को लेकर अलग-अलग देशों के अनुभवों पर भी यहां चर्चा होगी।
‘खुशी’ के सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर चर्चा
डॉ. मनीष चौधरी 18 सितंबर को आयोजित पैनल सत्र ‘आधुनिक विश्व में खुशी के व्यक्तिगत और सामाजिक-सांस्कृतिक संकेतक’ में वक्ता के रूप में हिस्सा लेंगे। इस सत्र में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ यह चर्चा होगी कि आधुनिक समाज में खुशी को किस तरह समझा जाता है और इसके व्यक्तिगत, सामाजिक तथा सांस्कृतिक आयाम क्या हैं। पैनल में मानव कल्याण, जीवन की गुणवत्ता और समाज में सार्थक जीवन जैसे विषयों पर विचारों के आदान-प्रदान की संभावना है। ऐसे में डॉ. चौधरी की भागीदारी भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर देगी।
वैश्विक मंच पर भारतीय दृष्टिकोण रखने का अवसर
डॉ. मनीष कुमार चौधरी के आमंत्रण को भारत की शैक्षणिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके व्याख्यान के जरिए खुशी, मानव कल्याण और सार्थक जीवन से जुड़े भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक विचारों को वैश्विक चर्चा के सामने रखने का अवसर मिलेगा। उनकी भागीदारी विभिन्न देशों के विद्वानों, विशेषज्ञों और जन प्रतिनिधियों के साथ संवाद का माध्यम भी बनेगी। वर्ल्ड पीपल्स असेंबली जैसे मंच पर भारतीय अनुभवों और विचारों की प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी समझ और संवाद को मजबूत करने में योगदान दे सकती है।
बेगूसराय के लिए भी गर्व का अवसर
डॉ. चौधरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। मॉस्को में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रतिनिधि और वक्ता के तौर पर उनका चयन उनके शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ उनके पैतृक जिले बेगूसराय, बिहार के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है। वर्ल्ड पीपल्स असेंबली में उनकी भागीदारी ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर सामाजिक एकजुटता, मानव कल्याण और साझा मूल्यों को लेकर संवाद की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में खुशी और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन से जुड़े विषय पर उनका वक्तव्य भारत के दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय विमर्श में सामने रखने का अवसर देगा।


