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दिल्ली में रिटायर्ड कर्मचारी से 1.76 करोड़ की ठगी, 50 हजार का इनामी आरोपी सोनीपत से दबोचा गया

द्वारका जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) ने एक बड़े प्रॉपर्टी फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए 50 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक रिटायर सरकारी कर्मचारी की जीवनभर की जमा पूंजी, 1.75 करोड़ रुपए की पेंशन की रकम ठग ली थी। आरोपी लगभग एक साल से फरार था।

दिल्ली में रिटायर्ड कर्मचारी से 1.76 करोड़ की ठगी, 50 हजार का इनामी आरोपी सोनीपत से दबोचा गया
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नई दिल्ली। द्वारका जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) ने एक बड़े प्रॉपर्टी फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए 50 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक रिटायर सरकारी कर्मचारी की जीवनभर की जमा पूंजी, 1.75 करोड़ रुपए की पेंशन की रकम ठग ली थी। आरोपी लगभग एक साल से फरार था।

डीसीपी द्वारका कुशल पाल सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। शिकायतकर्ता तिहाड़ जेल में फार्मासिस्ट के पद से रिटायर हुए एक सीनियर सिटीजन हैं। आरोप है कि 2024-2025 के दौरान प्रॉपर्टी डीलर ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज और उसके साथियों ने उन्हें प्लॉट दिलाने के नाम पर झांसे में लिया।

आरोपियों ने प्रॉपर्टी के नकली कागजात दिखाए और कई प्लॉट की धोखाधड़ी से बिक्री कर सीनियर सिटीजन से करीब 1.76 करोड़ रुपए ठग लिए। यह रकम उनकी पेंशन और रिटायरमेंट की पूरी जमा पूंजी थी।

इस संबंध में थाना रणहोला में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसके बाद कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) हासिल किए गए। 3 सितंबर 2026 को पुलिस ने इस मामले में वांछित पांच आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए एएटीएस द्वारका को जिम्मेदारी सौंपी गई। इंस्पेक्टर मनीष यादव के नेतृत्व में एसआई जितेंद्र, हेड कांस्टेबल सोनू, मनोज और महिला हेड कांस्टेबल ममता की एक विशेष टीम बनाई गई। यह ऑपरेशन एसीपी ऑपरेशंस सुभाष मलिक की देखरेख में चलाया गया।

टीम ने 7 दिनों तक तकनीकी और मैनुअल निगरानी की। तकनीकी जानकारी और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए आरोपी का सुराग जुटाया गया। आखिरकार आरोपी का पता सोनीपत (हरियाणा) में चला और 13 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 67 वर्षीय ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज के रूप में हुई है, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है। पुलिस के अनुसार, वह अपने पुरुष और महिला रिश्तेदारों और साथियों के साथ मिलकर काम करता था। उसका तरीका प्रॉपर्टी डील के बहाने जाली दस्तावेज बनाना और फिर लोगों की मोटी रकम, खासकर बुजुर्गों की पेंशन को निशाना बनाना था।

आरोपी को कलंदरा के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है। पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है और आगे की जांच जारी है।



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