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प्रदूषण से घुट रहा दिल्लीवालों का दम, "आप" विधायकों का मास्क लगा विधानसभा में जबरदस्त प्रदर्शन

नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में विधायकों ने जहरीली हवा को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी

प्रदूषण से घुट रहा दिल्लीवालों का दम, आप विधायकों का मास्क लगा विधानसभा में जबरदस्त प्रदर्शन
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प्रदूषण पर जनता के सामने भाजपा सरकार एक्पोज हुई तो "आप" विधायकों को सदन से मार्शल आउट किया - आतिशी

  • पिछले चार महीने से दिल्लीवाले प्रदूषण में सांस नहीं ले पा रहे, लेकिन सरकार ग्रेप को कड़ाई से लागू नहीं कर रही- आतिशी
  • "आप" सरकार को एलजी प्रदूषण खत्म करने के आइडिया देते थे, क्या अब भाजपा सरकार उनकी नहीं सुन रही है?- संजीव झा
  • प्रदूषण को लेकर भाजपा सरकार की नाकामियों का परिणाम दिल्ली झेल रही है, सदन में इस पर चर्चा जरूरी है- गोपाल राय
  • सदन में "आप" विधायकों से मास्क हटवाने या डेटा में फर्जीवाड़ा करने से प्रदूषण कम नहीं होगा - कुलदीप कुमार

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने सोमवार को प्रदूषण के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र के पहले दिन मास्क लगाकर दिल्ली विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में "आप" विधायकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आतिशी ने कहा कि प्रदूषण से दिल्लीवालों का दम घुट रहा है। पिछले चार महीने से दिल्लीवाले प्रदूषण से सांस नहीं ले पा रहे हैं, लेकिन सरकार ग्रेप को कड़ाई से लागू नहीं कर रही है। दिल्ली गैस चैंबर बन चुकी है। बच्चे और बुज़ुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। लेकिन भाजपा की चार-इंजन सरकार समाधान देने के बजाय एक्यूआई के आंकड़े मैनिपुलेट करने में लगी है। प्रदूषण पर दिल्ली की जनता के सामने भाजपा सरकार एक्पोज हुई तो "आप" विधायकों को सदन से मार्शल आउट करा दिया।

आतिशी ने कहा कि दिल्ली के लोग सांस नहीं ले पा रहे हैं और जहरीली हवा से मर रहे हैं, लेकिन भाजपा प्रदूषण के मुद्दे पर काम करना तो दूर, चर्चा करने को भी तैयार नहीं है। आज हमें विधानसभा से इसलिए निकाला गया क्योंकि हम मास्क पहनकर अंदर गए थे। दिल्ली के लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं, बच्चों का दम घुट रहा है, बुजुर्गों की जान जा रही है और एम्स के वार्ड भरे हुए हैं। ऐसे में दिल्ली के प्रतिनिधि विधानसभा में मास्क भी नहीं पहन सकते? यह शर्म की बात है कि दिल्ली के लोग जहरीली हवा से मर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार एक्यूआई मॉनिटर्स पर पानी छिड़कने के अलावा कुछ नहीं करेगी।

आतिशी ने आगे कहा कि भाजपा पहले इस बात का जवाब दे कि दिल्ली के लोग जहरीली हवा से क्यों मर रहे हैं? सारे आंकड़े यही बता रहे हैं कि पिछले 10 साल में सबसे ज्यादा प्रदूषण दिल्ली में इस बार हुआ है। अब इनका पंजाब में पराली जलने का बहाना भी खत्म हो गया है। केंद्र सरकार का डेटा बता रहा है कि अब पंजाब में पराली नहीं जल रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि यह प्रदूषण कहां से आ रहा है?

आतिशी ने कहा कि जब से दिल्ली में भाजपा की सरकार आई है, यहां प्रदूषण बहुत बढ़ गया है। प्रदूषण नियंत्रण करने का इनका तरीका आंकड़ों में फर्जीवाड़ा करना, झूठे आंकड़े देना और एक्यूआई मॉनिटर पर पानी छिड़कना है। हमारे फेफड़ों में तो पानी नहीं छिड़का जा रहा है। हमारे बच्चे उसी जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं, बुजुर्गों का दम घुट रहा है और इसके लिए भाजपा और उनकी सरकार जिम्मेदार है। दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा। प्रदूषण पर जुमलेबाज़ी नहीं, ठोस और तुरंत कार्रवाई चाहिए। दिल्लीवालों की हर सांस की लड़ाई हम सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताक़त से लड़ते रहेंगे।

सोमवार को विधानसभा के बाहर प्रदूषण को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान आतिशी ने कहा कि दिल्ली के लोग पिछले चार महीने से दिल्ली में सांस नहीं ले पा रहे हैं। बच्चों का दम घुट रहा है और बुजुर्गों की जान जा रही है। एम्स जैसे अस्पताल कह रहे हैं कि दिल्ली में लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। दिल्ली की भाजपा सरकार एक्यूआई मॉनिटर्स को मैनिपुलेट कर रही है और ग्रेप को सही तरीके से नहीं लगा रही है। इसीलिए आम आदमी पार्टी के विधायकों को दिल्ली वालों को सांस लेने के लिए साफ हवा की मांग को लेकर मास्क पहन कर प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। आज दिल्ली की जनता की आवाज बनकर, भाजपा को एक्सपोज करने के लिए आम आदमी पार्टी के सभी विधायक दिल्ली वालों की व्यथा सामने रखने के लिए विधानसभा में इंडस्ट्रियल मास्क पहनकर आए।

इस दौरान “आप” विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने कहा कि आज दिल्ली विधानसभा में एलजी का अभिभाषण था। एलजी ने पहले कहा था कि उनके पास एक शानदार आइडिया है और अगर दिल्ली सरकार चाहे तो 80 फीसद प्रदूषण कम हो सकता है। आज एलजी सदन में आए थे, इसलिए “आप” उनसे पूछना चाहती थी कि उस 80 फीसद वाले आइडिया का क्या हुआ? क्या भाजपा सरकार उनकी सुन नहीं रही या वे आइडिया दे नहीं रहे या वह झूठ था? क्या वे दिल्ली की जनता को गुमराह कर रहे थे ताकि आम आदमी पार्टी का नुकसान हो? उन्हें कुछ तो बताना चाहिए।

संजीव झा ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण बहुत गंभीर है। लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टर कह रहे हैं कि दिसंबर सबसे ज्यादा प्रदूषित महीना रहा है। मैं उम्मीद करता था कि एलजी मेरी बात सुनेंगे। लेकिन जैसे ही मैं सवाल पूछने के लिए खड़ा हुआ, विधानसभा अध्यक्ष ने मुझे मार्शल आउट कर दिया। मुझे समझ नहीं आ रहा कि इतनी घबराहट क्यों है।

सीएजी की रिपोर्ट पेश किए जाने पर संजीव झा ने कहा कि वह रिपोर्ट भाजपा सरकार के नकारापन का पुलिंदा है। अगर इन्होंने 10 महीने में काम किया होता, तो बताते कि प्रदूषण कम कर दिया, यमुना ठीक कर दी, 2500 रुपये दे दिए या दिवाली-होली पर मुफ्त और 500 रुपये का सिलेंडर दे दिया। वाटर लॉगिंग नहीं हुई होती और उससे जो 50 लोगों की मौत हुई, वह नहीं होनी चाहिए थी। भाजपा सरकार को इन सब पर जवाब देना चाहिए था। लेकिन इन्होंने झूठे वादे करके दिल्ली की जनता से वोट मांग लिया और जनता ने वोट दे दिया। अब ये राजनीति कर रहे हैं। वे अपने नकारापन को छुपाने के लिए झूठ का एक पुलिंदा सदन में रखना चाह रहे हैं।

संजीव झा ने आगे बताया कि हमने सदन से वॉकआउट नहीं किया है, हमें विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मार्शल आउट कर दिया गया है। हम तो एलजी से वह 80 फीसद वाला आइडिया सुनना चाह रहे थे क्योंकि दिल्ली विधानसभा दिल्ली की सबसे बड़ी पंचायत है और जनता को हम सभी विधायकों से उम्मीदें हैं। एलजी सदन में बता देते कि 80 फीसद वाले आइडिया का क्या हुआ? आखिर वह क्यों लागू नहीं हुआ? शायद एलजी की सुनी नहीं जा रही है।

उधर, विधायक गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार पूरी तरह से प्रदूषण नियंत्रण में फेल हुई है और दिल्ली के लोगों को सरकार की नाकामियों का परिणाम झेलना पड़ा है। आम आदमी पार्टी की यही मांग है कि जब सदन की बैठक चल रही है, तो इस पर चर्चा हो। सरकार इसका जवाब दे क्योंकि दिल्ली के लोग इसका जवाब चाहते हैं। जब तक सदन में चर्चा नहीं होती है, तब तक आम आदमी पार्टी प्रदूषण पर चर्चा की मांग को मजबूती के साथ उठाएगी।

वहीं, विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार गंभीरता से प्रदूषण पर काम करे। दिल्ली की चार इंजन वाली भाजपा सरकार केवल प्रदूषण के डेटा को दबाने में व्यस्त है। भाजपा ने "आप" विधायकों से सदन में मास्क हटवा दिया, लेकिन मास्क हटाने और डेटा चोरी करने से प्रदूषण कम नहीं होगा। इसे खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री को गंभीरता से काम करना पड़ेगा।

कुलदीप कुमार ने कहा कि आज दिल्ली की हवा दमघोटू हो चुकी है। दिल्ली में बच्चों के फेफड़े खराब हो रहे हैं और बुजुर्गों सहित पूरे दिल्लीवासियों का सांस लेना दूभर हो रहा है। अस्पतालों में लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं और वहां दवाइयां नहीं मिल रही हैं। आज लोग परेशान हैं। लोग पूछना चाहते हैं कि भाजपा सरकार ने उस पर क्या काम किया और वह क्या काम कर रही है?

कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार कहती है कि सदन में विपक्ष वाले मास्क हटाकर आएं। दिल्ली की जनता को सरकार ने मास्क लगाने पर मजबूर किया है। दिल्ली की जनता को मजबूर किया कि वह अपनी दिल्ली को छोड़कर बाहर चली जाए। आज हेल्थ एक्सपर्ट कह रहे हैं कि दिल्ली रहने लायक नहीं है, दिल्ली का माहौल दमघोटू है। लेकिन मुख्यमंत्री केवल डेटा छुपाने और विपक्ष का मास्क हटवाने में व्यस्त हैं। उन्हें गंभीरता से काम करना चाहिए, दिल्ली की जनता के मुद्दों पर काम करना चाहिए और इस प्रदूषण को खत्म करने के लिए काम करना चाहिए।


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