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दिल्ली प्रेस क्लब में CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दिपके और नेहा बोरा के खिलाफ नारेबाजी

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत नेहा बोरा ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध रचना ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियों से की। उन्होंने कहा, “जंजीर बढ़ाकर साध मुझे, हां-हां दुर्योधन बांध मुझे।” इन पंक्तियों के जरिए उन्होंने अपने आंदोलन और विरोध के मुद्दे को सामने रखने की कोशिश की।

दिल्ली प्रेस क्लब में CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दिपके और नेहा बोरा के खिलाफ नारेबाजी
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नई दिल्ली: राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़े नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा। गुरुवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस कार्यक्रम में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की नेता नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण समेत अन्य लोग मौजूद थे। हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘बंद करो’ और ‘दफा हो जाओ’ जैसे नारे लगाए। स्थिति ऐसी हो गई कि नेहा बोरा को अपना संबोधन बीच में ही रोकना पड़ा।

नेहा बोरा के भाषण के दौरान शुरू हुई नारेबाजी

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत नेहा बोरा ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध रचना ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियों से की। उन्होंने कहा, “जंजीर बढ़ाकर साध मुझे, हां-हां दुर्योधन बांध मुझे।” इन पंक्तियों के जरिए उन्होंने अपने आंदोलन और विरोध के मुद्दे को सामने रखने की कोशिश की। इसके बाद नेहा बोरा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहा आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, यह वोट देने के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा व्यापक मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों की आवाज से जुड़ा है जो मतदान के अधिकार को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

संबोधन रोकने को मजबूर हुईं नेहा बोरा

नेहा बोरा जब अपनी बात रख रही थीं, तभी दर्शकों की ओर से शोरगुल शुरू हो गया। कुछ लोग ‘बाहर जाओ’ के नारे लगाने लगे। नेहा ने कई बार लोगों को समझाने और अपनी बात पूरी करने की कोशिश की, लेकिन हंगामा जारी रहा। स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों से हस्तक्षेप करने और व्यवधान डाल रहे लोगों को बाहर करने का अनुरोध किया। इसके बावजूद शोरगुल कम नहीं हुआ और उन्हें अपना संबोधन रोकना पड़ा। इसके बाद CJP संयोजक अभिजीत दिपके ने माइक संभाला। उन्होंने भी आयोजकों और प्रेस क्लब के पदाधिकारियों से हंगामा कर रहे लोगों को बाहर निकालने की अपील की, ताकि प्रेस कॉन्फ्रेंस आगे जारी रह सके।

SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन जारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नेताओं ने साफ किया कि SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। नेहा बोरा ने अपने संबोधन में कहा कि नेताओं को हिरासत में लेने या उनके खिलाफ कार्रवाई करने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। आंदोलन से जुड़े संगठनों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर उठाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब भी महत्वपूर्ण होगा।

शनिवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में जुटने की अपील

इस बीच, CJP और उससे जुड़े अन्य संगठनों ने लोगों से शनिवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पहुंचने की अपील की है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस आह्वान का समर्थन किया है। आयोजकों के मुताबिक, यह कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन का अगला चरण होगा। इसके जरिए वे मतदान के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में लाना चाहते हैं।


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