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दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई पोर्टल पर साइबर हमलों को लेकर दर्ज की एफआईआर, डेटा पूरी तरह सुरक्षित

सीबीएसई के पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर हुए लगातार साइबर हमलों के प्रयासों के बाद दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की

दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई पोर्टल पर साइबर हमलों को लेकर दर्ज की एफआईआर, डेटा पूरी तरह सुरक्षित
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नई दिल्ली। सीबीएसई के पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर हुए लगातार साइबर हमलों के प्रयासों के बाद दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की। बोर्ड की शिकायत पर पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है।

सीबीएसई ने शिकायत में बताया कि उसके पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल को निशाना बनाकर कई समन्वित और तकनीकी रूप से साइबर हमले किए गए। यह पोर्टल देशभर के लाखों छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के माध्यम से छात्र अपने रिजल्ट के सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन और अन्य पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं।

राहत की बात यह है कि इन हमलों के बावजूद सीबीएसई के किसी भी डेटा, सिस्टम या डेटाबेस में कोई सेंध नहीं लगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उसका पूरा डिजिटल ढांचा सुरक्षित है और किसी भी प्रकार का डेटा लीक या अनधिकृत पहुंच का मामला सामने नहीं आया है।

जानकारी के अनुसार, 2 जून को जब सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, उसी दिन से पोर्टल पर साइबर हमलों की कोशिशें शुरू हो गई थीं। पोर्टल सुबह 7 बजे से चालू हुआ था और लगातार हमलों के बावजूद पूरे दिन सामान्य रूप से काम करता रहा। छात्रों को किसी तरह की सेवा बाधा का सामना नहीं करना पड़ा।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हमलावर पोर्टल को अस्थिर करने, वैध उपयोगकर्ताओं की पहुंच बाधित करने और अनधिकृत रूप से जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा था। सीबीएसई ने इन हमलों को राष्ट्रीय हित के लिए संभावित रूप से हानिकारक बताया है।

हमलों की गंभीरता और सुनियोजित तरीके को देखते हुए बोर्ड ने आईएफएसओ यूनिट से विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सीबीएसई ने बताया कि 24 घंटे निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की मदद से सभी हमलों को विफल कर दिया गया। इस दौरान आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और केंद्र सरकार की अन्य साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने भी तकनीकी सहयोग प्रदान किया।


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