Delhi Crime: युवक के सिर में गोली मारकर की हत्या, टिल्लू गिरोह के हाथ होने का शक
बताया जा रहा है कि साहिल सोलंकी घर से कुछ सामान लेने के लिए बाहर निकला था। इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवकों ने उस पर नजदीक से फायरिंग कर दी। हमलावरों ने लगातार गोलियां चलाईं और मौके से भाग निकले।

दिल्ली। रोहिणी सेक्टर-17 में शनिवार शाम उस समय दहशत फैल गई जब बदमाशों ने एक युवक की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। घटना केएन काटजू थाना क्षेत्र की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सात से आठ राउंड फायरिंग की गई। युवक को सिर, छाती और पेट में गोलियां लगीं। मृतक की पहचान साहिल सोलंकी के रूप में हुई है, जो सेक्टर-17 के बी-7 ब्लॉक का निवासी था। पुलिस प्रारंभिक जांच में इस हत्याकांड को गैंगवार से जोड़कर देख रही है।
शाम छह बजे गूंजी गोलियों की आवाज
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब छह बजे सेक्टर-17 इलाके में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। बताया जा रहा है कि साहिल सोलंकी घर से कुछ सामान लेने के लिए बाहर निकला था। इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवकों ने उस पर नजदीक से फायरिंग कर दी। हमलावरों ने लगातार गोलियां चलाईं और मौके से भाग निकले। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
अस्पताल में मौत
घायल अवस्था में साहिल को तुरंत अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के अनुसार, साहिल को बेहद करीब से गोली मारी गई थी, जिससे उसके बचने की संभावना कम हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साहिल सोलंकी हत्या समेत तीन आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ पहले से गंभीर आरोप दर्ज थे। जांच में यह भी सामने आया है कि साहिल का नाम गैंग्स्टर गोगी गैंग से जुड़ता रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर उसके सक्रिय सदस्य होने की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन पुलिस उसके संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
गैंगवार की आशंका
पुलिस इस हत्याकांड को गैंगवार के एंगल से भी देख रही है। सूत्रों के मुताबिक, गोगी गैंग और टिल्लू गैंग के बीच लंबे समय से प्रतिद्वंद्विता रही है। संदेह जताया जा रहा है कि इस वारदात के पीछे टिल्लू गैंग के बदमाशों का हाथ हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी गिरोह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
अंधेरे का फायदा उठाकर हमला
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने उस स्थान को चुना जहां शाम के समय घना अंधेरा था। इससे उन्हें वारदात को अंजाम देकर फरार होने में आसानी हुई। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया है।
इलाके में दहशत
घटना के बाद रोहिणी सेक्टर-17 में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फायरिंग इतनी अचानक और तेज थी कि लोग घरों और दुकानों में छिप गए। कुछ मिनटों तक इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति रही।
पुलिस की कार्रवाई
केएन काटजू थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की निगरानी की। पुलिस ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए तकनीकी टीमों को लगाया गया है। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। साथ ही साहिल के हालिया संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि हत्या के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया जा सके।
गैंगों के संघर्ष की चुनौती
दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में आपराधिक गिरोहों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आती रही हैं। पुलिस के लिए इन गिरोहों की गतिविधियों पर नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए गिरोहों का प्रभाव बढ़ा है, जिससे ऐसी वारदातों की आशंका बनी रहती है।
हमलावर फरार, तलाश जारी
रोहिणी सेक्टर-17 में हुई इस सनसनीखेज हत्या ने एक बार फिर राजधानी में गैंगवार की आशंका को उजागर किया है। साहिल सोलंकी की आपराधिक पृष्ठभूमि और संभावित गिरोह संपर्कों को देखते हुए पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। फिलहाल हमलावर फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। जांच के नतीजों से ही स्पष्ट होगा कि यह व्यक्तिगत रंजिश थी या दो गिरोहों के बीच चल रहे संघर्ष का हिस्सा। स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


