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दिल्ली में हैवानियत: 11 साल की बच्ची को अगवा कर किया दुष्कर्म, फिर बेरहमी से ले ली जान

बच्ची के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। चूंकि मामला एक नाबालिग के गायब होने से जुड़ा था, इसलिए महरौली थाना पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू कर दी।

दिल्ली में हैवानियत: 11 साल की बच्ची को अगवा कर किया दुष्कर्म, फिर बेरहमी से ले ली जान
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नई दिल्‍ली: दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में एक 10 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची सोमवार तड़के अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सो रही थी, तभी उसका अपहरण कर लिया गया। बाद में बच्ची मृत अवस्था में मिली। मामले में एक कैब चालक को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर अपहरण, यौन अपराध और हत्या के आरोप लगाए गए हैं। घटना के सामने आने के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से जांच शुरू की और कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

शिकायत के बाद शुरू हुई तत्काल कार्रवाई

बच्ची के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। चूंकि मामला एक नाबालिग के गायब होने से जुड़ा था, इसलिए महरौली थाना पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब पांच बजे बच्ची अपने परिवार के साथ सो रही थी, तभी वह अचानक लापता हो गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की कई टीमें सक्रिय की गईं और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच को आगे बढ़ाया गया।

सीसीटीवी फुटेज और सूचना तंत्र से मिली सफलता

दिल्ली पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र का भी सहारा लिया। पुलिस के अनुसार, इन्हीं सुरागों के आधार पर घटना के लगभग छह घंटे के भीतर मुख्य आरोपी कैब चालक को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बच्ची के शव को बरामद किया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

फुटपाथ पर रहने को मजबूर था परिवार

पीड़ित बच्ची का परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर बताई जा रही है। बच्ची के माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में चार बच्चे हैं, जिनमें मृत बच्ची भी शामिल थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, आर्थिक तंगी के कारण परिवार पहले किराये के मकान में रहने के बावजूद बाद में उसे छोड़ने के लिए मजबूर हो गया। इसके बाद वे फुटपाथ पर रहने लगे। बच्ची भी परिवार की मदद के लिए सड़क पर गुब्बारे बेचती थी।

आरोपी भी बिहार का निवासी, पहले से दर्ज हैं मामले

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार कैब चालक भी बिहार का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसके खिलाफ पहले से भी कुछ आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपी और पीड़ित परिवार के बीच पहले से किसी तरह की जान-पहचान नहीं थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय वह किस परिस्थिति में वहां मौजूद था।

हर पहलू से जांच कर रही पुलिस

दिल्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही आरोपपत्र तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

घटना ने उठाए कई सामाजिक सवाल

इस घटना ने एक बार फिर उन परिवारों की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं, जो आर्थिक मजबूरियों के कारण खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को विवश हैं। फुटपाथ पर रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, उनके शिक्षा और संरक्षण जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ गए हैं। महरौली की यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि समाज के कमजोर तबके के सामने मौजूद चुनौतियों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों की भी याद दिलाती है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है।


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