रक्षाबंधन से पहले दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये का तोहफा, आज मिलेगी लक्ष्मी योजना की पहली किश्त
लक्ष्मी योजना के तहत दिल्ली की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार ने इस राशि के भुगतान के लिए दो विकल्प निर्धारित किए हैं।

नई दिल्ली। रक्षाबंधन से पहले दिल्ली की महिलाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार की लक्ष्मी योजना के तहत पहली किस्त आज जारी की जाएगी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पहली किस्त जारी करेंगी। सरकार की ओर से बताया गया है कि कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा। इसमें करीब 2,500 महिलाओं को योजना की पहली किस्त का लाभ दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि योजना के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं ने पंजीकरण कराया है और आवेदनों की जांच की प्रक्रिया भी जारी है।
9.13 लाख महिलाओं ने कराया पंजीकरण
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, लक्ष्मी योजना के पोर्टल पर अब तक 9.13 लाख लाभार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 6.52 लाख महिलाओं ने अपना पूरा आवेदन जमा कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी आवेदनों की जांच और सत्यापन के बाद ही पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। किसी आवेदन में संदेह या विसंगति मिलने पर जिला स्तर पर गठित समितियों को उसकी विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक सहायता वास्तविक रूप से पात्र महिलाओं तक पहुंचे।
हर महीने मिलेंगे 2,500 रुपये
लक्ष्मी योजना के तहत दिल्ली की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार ने इस राशि के भुगतान के लिए दो विकल्प निर्धारित किए हैं। पहले विकल्प के तहत 1,500 रुपये आरडी या एफडी के रूप में जमा किए जाएंगे। यह राशि 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन रहेगी। इसके अलावा 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट के माध्यम से दिए जाएंगे। दूसरे विकल्प में लाभार्थी पूरी 2,500 रुपये की राशि सीधे अपने आरडी या एफडी खाते में लेने का विकल्प चुन सकती हैं। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उनके लिए बचत का आधार तैयार करना बताया गया है।
1 सितंबर से खातों में पहुंचने लगेगी राशि
सरकार के अनुसार, पेंशन पत्र मिलने के पांच दिन बाद यानी 1 सितंबर से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में मासिक सहायता राशि पहुंचनी शुरू हो जाएगी। जिन आवेदनों की जांच और सत्यापन बाद में पूरा होगा, उन लाभार्थियों को भी पात्रता पूरी होने पर योजना का लाभ दिया जाएगा। इसका मतलब है कि सभी लाभार्थियों के खातों में राशि एक साथ नहीं आएगी। सत्यापन पूरा होने के साथ नए लाभार्थियों को भी भुगतान की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
गलत जानकारी सुधारने का मिलेगा अवसर
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए सुधार का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। यदि किसी महिला ने आवेदन करते समय अनजाने में गलत जानकारी दर्ज कर दी है या फॉर्म में कोई जानकारी अधूरी रह गई है, तो उसे पोर्टल के माध्यम से सुधारने का मौका मिलेगा। वहीं, फर्जी आवेदन और गलत दावों को रोकने के लिए जिला स्तरीय समितियों को संदिग्ध मामलों की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि सत्यापन के बाद केवल पात्र महिलाओं को ही वित्तीय सहायता दी जाएगी।
कौन महिलाएं योजना की पात्र होंगी?
लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा उसके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। एक अन्य प्रमुख शर्त के तहत महिला या उसके परिवार का कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना जरूरी है। पात्रता साबित करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र और दिल्ली वोटर कार्ड जैसे दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसके साथ ही लाभार्थी का आधार से लिंक बैंक खाता होना भी आवश्यक है। रक्षाबंधन से पहले पहली किस्त जारी किए जाने को दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता के तौर पर पेश कर रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कितनी महिलाओं को नियमित रूप से योजना का लाभ मिलता है।


