30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 100% रोड टैक्स में मिलेगी छूट, दिल्ली की ड्राफ्ट EV पॉलिसी में और क्या खास?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस नीति को राजधानी के भविष्य के लिए “महत्वपूर्ण कदम” बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ, सुलभ और आधुनिक परिवहन प्रणाली की ओर तेजी से आगे बढ़ाना है।

,नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026’ का ड्राफ्ट सार्वजनिक कर दिया है। इस नीति को फिलहाल पब्लिक डोमेन में रखा गया है ताकि आम नागरिकों, विशेषज्ञों और हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां ली जा सकें। इन प्रतिक्रियाओं के आधार पर आवश्यक संशोधन करने के बाद इसे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस नीति को राजधानी के भविष्य के लिए “महत्वपूर्ण कदम” बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ, सुलभ और आधुनिक परिवहन प्रणाली की ओर तेजी से आगे बढ़ाना है।
2030 तक लागू रहेगी नीति, बड़ा बजट प्रावधान
सरकार के अनुसार, यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इसके लिए कुल 3954.25 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
बजट का वितरण -
खरीद प्रोत्साहन (सब्सिडी): 1236.25 करोड़ रुपये
स्क्रैपिंग प्रोत्साहन: 1718 करोड़ रुपये
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: 1000 करोड़ रुपये
वर्षवार खर्च भी तय किया गया है
पहले वर्ष में 965.5 करोड़, दूसरे में 1012.75 करोड़, तीसरे में 1231.5 करोड़ और चौथे वर्ष में 744.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सब्सिडी सीधे खाते में
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को दी जाएगी। इसका लाभ वे सभी लोग उठा सकेंगे जो दिल्ली के निवासी हैं, जिनके वाहन दिल्ली में पंजीकृत होंगे। आवेदन प्रक्रिया परिवहन विभाग द्वारा विकसित सिस्टम के जरिए ऑनलाइन की जाएगी।
दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर विशेष फोकस
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान किया है। इसके तहत 2.25 लाख रुपये तक के एक्स-फैक्ट्री मूल्य वाले वाहनों को प्रोत्साहन मिलेगा।
पहला वर्ष: ₹10,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹30,000)
दूसरा वर्ष: ₹6,600 प्रति kWh (अधिकतम ₹20,000)
तीसरा वर्ष: ₹3,300 प्रति kWh (अधिकतम ₹10,000)
यह घटती दर का मॉडल है, जिससे शुरुआती वर्षों में अधिक लोगों को प्रोत्साहित किया जा सके।
तीन और चार पहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और माल ढोने वाले वाहनों को भी नीति में प्राथमिकता दी गई है।
इलेक्ट्रिक तीन पहिया (L5M)
पहला वर्ष: ₹50,000
दूसरा वर्ष: ₹40,000
तीसरा वर्ष: ₹30,000
चार पहिया माल वाहन (N1)
पहला वर्ष: ₹1,00,000
दूसरा वर्ष: ₹75,000
तीसरा वर्ष: ₹50,000
यह प्रोत्साहन खासतौर पर लॉजिस्टिक्स और कमर्शियल सेक्टर को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए अहम माना जा रहा है।
पुराने वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव
प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने पुराने वाहनों को हटाने पर भी जोर दिया है। स्क्रैपिंग के तहत निम्न प्रोत्साहन दिए जाएंगे:
इलेक्ट्रिक दोपहिया: ₹10,000
तीन पहिया: ₹25,000
इलेक्ट्रिक कार: ₹1,00,000
माल वाहन: ₹50,000
यह लाभ केवल उन वाहनों पर मिलेगा जो BS-IV या उससे नीचे के हैं और दिल्ली में पंजीकृत हैं। इसके लिए शर्त है कि नया इलेक्ट्रिक वाहन स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट मिलने के 6 महीने के भीतर खरीदा जाए। इलेक्ट्रिक कारों के मामले में यह लाभ पहले 1 लाख आवेदकों तक सीमित रहेगा और वाहन की कीमत 30 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी छूट
नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़ा आर्थिक लाभ दिया जाएगा।
- सभी EVs को 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट
- 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को 2030 तक पूरी छूट
- स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को 50% छूट
- 30 लाख रुपये से ऊपर की इलेक्ट्रिक कारों को कोई छूट नहीं
- यह कदम EVs को पारंपरिक वाहनों की तुलना में अधिक किफायती बनाने के लिए उठाया गया है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़े स्तर पर विस्तार
EVs को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग नेटवर्क मजबूत करना भी जरूरी है। इसके लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। सरकार एक डिजिटल पोर्टल विकसित करेगी, जिसके जरिए चार्जिंग स्टेशन की मंजूरी, निगरानी और संचालन को पारदर्शी और सरल बनाया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो पूरे कार्यान्वयन की निगरानी करेगी।
चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य होंगे इलेक्ट्रिक वाहन
नीति में भविष्य को ध्यान में रखते हुए कुछ अनिवार्य प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
1 जनवरी 2027 से: केवल इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन
1 अप्रैल 2028 से: केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन
इसके अलावा, स्कूल बसों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक किया जाएगा:
दूसरे वर्ष तक 10%
तीसरे वर्ष तक 20%
2030 तक 30%
सरकारी बेड़े में भी होगा बड़ा बदलाव
सरकार खुद भी इस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभाएगी। नीति लागू होने के बाद सभी किराए/लीज पर लिए गए सरकारी वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। नई बसें और N1 श्रेणी के ट्रक भी इलेक्ट्रिक होंगे।
ईवी फंड और निगरानी तंत्र
नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक EV फंड बनाया जाएगा, जिसमें धन विभिन्न स्रोतों से आएगा, जैसे राज्य और केंद्र सरकार की योजनाएं, पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क, एयर एम्बियंस फंड, पीएम ई-ड्राइव योजना। इसके अलावा, परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में EV एपेक्स कमेटी बनाई जाएगी, जो फंड और नीति के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।
स्वच्छ दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि यह नीति दिल्ली को प्रदूषण मुक्त, हरित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो दिल्ली में वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आ सकती है और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 न केवल परिवहन क्षेत्र में बदलाव लाने की कोशिश है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक व्यापक पहल भी है।


