Top
Begin typing your search above and press return to search.

Delhi Budget: दिल्ली के बजट में ‘ग्रीन विजन’ पर जोर, हर बेटी के लिए साइकिल का ऐलान, 10वीं के बाद लैपटॉप

इस बार के बजट की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘ग्रीन फोकस’ है। कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और हरित परियोजनाओं के लिए आवंटित किया गया है। सरकार ने धूल मुक्त सड़कों, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, अंडरग्राउंड वायरिंग और जल प्रबंधन जैसे उपायों पर विशेष जोर दिया है। धूल रहित सड़कों के लिए 1,352 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

Delhi Budget: दिल्ली के बजट में ‘ग्रीन विजन’ पर जोर, हर बेटी के लिए साइकिल का ऐलान, 10वीं के बाद लैपटॉप
X
नई दिल्‍ली: Delhi Budget 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह उनका दूसरा बजट है, जिसे ‘ग्रीन बजट’ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। बजट का कुल आकार लगभग 1,03,700 करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार ने इस बार राजधानी की सबसे बड़ी समस्या वायु प्रदूषण को कम करने को प्राथमिकता दी है। सुबह कैबिनेट बैठक में बजट को मंजूरी देने के बाद 11 बजे विधानसभा में बजट भाषण शुरू हुआ। सरकार ने ‘ट्रिपल इंजन’ विकास मॉडल के तहत तेज प्रगति का दावा किया।

‘खीर सेरेमनी’ से हुई बजट सत्र की शुरुआत


बजट पेश होने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पारंपरिक ‘खीर सेरेमनी’ के साथ बजट सत्र की शुरुआत की। इस अवसर पर भगवान श्रीराम, माता सीता और मां लक्ष्मी को भोग लगाया गया। कार्यक्रम में डॉक्टरों, किसानों, किन्नर समुदाय, छात्राओं, विधायकों और मंत्रियों को खीर परोसी गई। मुख्यमंत्री ने इसे समावेशी विकास का प्रतीक बताते हुए कहा कि दिल्ली का हर वर्ग विकास यात्रा का भागीदार है।

ग्रीन बजट: 21% राशि पर्यावरण सुधार के लिए


इस बार के बजट की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘ग्रीन फोकस’ है। कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और हरित परियोजनाओं के लिए आवंटित किया गया है। सरकार ने धूल मुक्त सड़कों, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, अंडरग्राउंड वायरिंग और जल प्रबंधन जैसे उपायों पर विशेष जोर दिया है। धूल रहित सड़कों के लिए 1,352 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ‘4S मॉडल’


दिल्ली सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ‘4S मॉडल’ स्कोप, स्केल, स्पीड और स्किल को अपनाने की घोषणा की है। पीडब्ल्यूडी के लिए 5,921 करोड़ रुपये, शहरी विकास के लिए 7,887 करोड़ रुपये और दिल्ली जल बोर्ड के लिए 9,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसके अलावा 1,392 करोड़ रुपये की लागत से 7,000 किलोमीटर पक्की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

नए सचिवालय का ऐलान


सरकार ने पहली बार नगर निगम (MCD) को 11,666 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। इसके साथ ही एक नया सचिवालय बनाने की घोषणा भी की गई है। सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों ने ‘शीशमहल’ बनाए, लेकिन उनकी सरकार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आवासीय कॉम्प्लेक्स भी बनाए जाएंगे।

पानी, ड्रेनेज और बाढ़ नियंत्रण पर फोकस


जल प्रबंधन को लेकर सरकार ने कई बड़े ऐलान किए हैं। चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 475 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वाटर लॉगिंग की समस्या से निपटने के लिए नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसके लिए 610 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये की लागत से फ्लड प्रोटेक्शन वॉल बनाई जाएगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश और नई योजनाएं


स्वास्थ्य विभाग को 12,746 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दिल्ली में 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे, जबकि पहले से 350 केंद्र मौजूद हैं। जीटीबी अस्पताल में नया ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाएगा। मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए यूजी सीटें 820 और पीजी सीटें 762 तक बढ़ाई जाएंगी। इसके अलावा ‘अनमोल योजना’ के तहत नवजात शिशुओं के 56 प्रकार के टेस्ट मुफ्त किए जाएंगे, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ट्रांसजेंडर समुदाय को भी अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ मिलेगा।

शिक्षा और युवाओं के लिए विशेष घोषणाएं


शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,148 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्कूल भवनों के निर्माण और विस्तार के लिए क्रमशः 200 करोड़ और 275 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार ने 9वीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की योजना शुरू की है, जिसके लिए 90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा 10वीं कक्षा में मेरिट के आधार पर छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे। खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाने की घोषणा भी की गई है।

महिलाओं के लिए योजनाएं और आर्थिक सशक्तिकरण


महिलाओं के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की गई है। ‘लखपति बिटिया योजना’ के लिए 128 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। महिलाओं को होली और दिवाली पर एक-एक मुफ्त गैस सिलेंडर देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा महिला हाट के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1,000 ई-ऑटो परमिट महिलाओं और 100 ट्रांसजेंडरों को देने का ऐलान किया गया है।

सामाजिक कल्याण और कमजोर वर्गों पर ध्यान


समाज कल्याण विभाग के लिए 2,392 करोड़ रुपये और एससी-एसटी कल्याण के लिए 227 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दिव्यांगजन के लिए 5,921 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। बुजुर्गों के लिए ‘वयो आनंद योजना’ लाई गई है, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। झुग्गी विकास के लिए 635 करोड़ रुपये और ग्रामीण विकास के लिए 787 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बिजली, परिवहन और ईवी पॉलिसी पर जोर


बिजली विभाग के लिए 3,942 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और सब्सिडी जारी रखने का ऐलान किया गया है। बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं। दिल्ली सरकार ने नई ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) पॉलिसी लागू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना है। महिलाओं के लिए बस यात्रा मुफ्त रखने के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

गिग वर्कर्स और सुरक्षा उपाय


गिग वर्कर्स के लिए रेस्ट रूम और सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जहां भोजन और मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही गिग वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाएगा। महिला सुरक्षा के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। स्कूलों में छात्राओं को सैनिटरी नेपकिन उपलब्ध कराने के लिए 2.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

आपदा प्रबंधन और अन्य पहलें


दिल्ली में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एक आधुनिक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया जाएगा, जो श्यामनाथ मार्ग पर स्थापित होगा। फायर डिपार्टमेंट का बजट बढ़ाकर 674 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले साल 540 करोड़ रुपये था।

समावेशी और हरित विकास की दिशा में बजट


दिल्ली का बजट 2026-27 पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विस्तार, सामाजिक कल्याण और महिलाओं-युवाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित नजर आता है। सरकार ने जहां एक ओर प्रदूषण से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया है। आने वाले समय में इन घोषणाओं का जमीन पर कितना असर दिखता है, यह देखने वाली बात होगी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it