कांग्रेस का सवाल: लेबनान पर इजरायली हमलों पर मोदी सरकार की चुप्पी
राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने लेबनान पर इजरायल के हमलों की निंदा की है

जयराम रमेश का हमला: सरकार ने इजरायल-लेबनान विवाद पर साधी चुप्पी
- अमेरिका-ईरान समझौता: इजरायली हमलों से बातचीत पटरी से उतरी
- भारत के हित खतरे में: तेल कीमतों और होर्मुज स्ट्रेट पर असर
- मोदी सरकार की चुप्पी: कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली। राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने लेबनान पर इजरायल के हमलों की निंदा की है। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने इजरायल की ओर से लेबनान को तबाह करने और अमेरिका-ईरान समझौते को पटरी से उतारने की कोशिशों पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "पश्चिम एशिया में युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। ऐसे किसी समझौते का तत्काल प्रभाव होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने और तेल की कीमतों पर दबाव कम होने के रूप में सामने आएगा और इन दोनों मुद्दों से भारत के बड़े हित जुड़े हुए हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "यह बातचीत अब तक अंतिम रूप नहीं ले सकी है, जिसकी मुख्य वजह लेबनान में इजरायल की जारी सैन्य कार्रवाई है, जिसमें अभूतपूर्व घुसपैठ देखने को मिली है। खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बेहद नाराजगी और गुस्सा जाहिर किया है, यहां तक कि अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया है। दुनिया के कई अन्य देशों ने भी लेबनान में इजरायल के हमले की निंदा की है।"
जयराम रमेश ने पोस्ट में लिखा, "हैरानी की बात नहीं कि जिस एक सरकार के मुखिया ने इजरायल की ओर से लेबनान को तबाह करने और अमेरिका-ईरान समझौते को पटरी से उतारने की कोशिशों पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। क्या तथाकथित 'फादरलैंड' उनके लिए उनकी असली 'मदरलैंड' से कहीं ज्यादा मायने रखती है?"
हिज्बुल्लाह को खत्म करने के इरादे से इजरायल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में 'बड़े पैमाने पर अभियान' शुरू किया है। आईडीएफ के इस ऑपरेशन को आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ ईयाल जमीर ने मंजूरी दी थी। अभियान से पहले उत्तरी कमान के नेतृत्व में गोलाबारी की तैयारी और अन्य परिचालन तैयारियां व्यवस्थित रूप से पूरी की गईं।
हालांकि, इससे अमेरिका और ईरान के बीच हो रही बातचीत में अड़चन आई है। तस्त्रीम न्यूज एजेंसी ने सोमवार को जानकारी दी कि ईरान की बातचीत करने वाली टीम लेबनान पर हुए हमलों की वजह से अमेरिका के साथ मीडिएटर के जरिए मैसेज का लेन-देन रोक रही है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'टूथ सोशल' पर लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बातचीत तेजी से चल रही है।" डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, "इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई और कोई भी सैनिक बेरूत नहीं जाएगा और जो भी सैनिक रास्ते में हैं, उन्हें पहले ही वापस भेज दिया गया है। इसी तरह उच्च पद वाले प्रतिनिधियों के जरिए मेरी हिज्बुल्लाह के साथ भी बहुत अच्छी बातचीत हुई और वे इस बात पर सहमत हुए कि सारी गोलीबारी बंद हो जाएगी कि इजरायल उन पर हमला नहीं करेगा और वे इजरायल पर हमला नहीं करेंगे।"


