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'कांग्रेस का हिंदू विरोधी चरित्र छिपा नहीं', दिग्विजय सिंह पर वीएचपी नेता विनोद बंसल का पलटवार

धार-भोजशाला मामले को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद बंसल ने तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि भगवा आतंकवाद और हिंदुओं को आतंकवादी कहना कांग्रेस के डीएनए का हिस्सा है।

कांग्रेस का हिंदू विरोधी चरित्र छिपा नहीं, दिग्विजय सिंह पर वीएचपी नेता विनोद बंसल का पलटवार
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नई दिल्ली। धार-भोजशाला मामले को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद बंसल ने तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि भगवा आतंकवाद और हिंदुओं को आतंकवादी कहना कांग्रेस के डीएनए का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस है, जिसकी मुखिया सोनिया गांधी ने राम मंदिर को लेकर दिए गए इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार कर दिया था। वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गईं और सुप्रीम कोर्ट में 25 वकीलों की फौज इन्होंने खड़ी कर दी थी। जब उनके हिसाब से फैसला नहीं आया तो चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग भी लगा दिया था।

विनोद बंसल ने कहा कि कांग्रेस का हिंदू विरोधी चरित्र छिपा हुआ नहीं है। दिग्विजय सिंह खुद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं, इसीलिए मामला अटका रहा, वरना यह कब का निपट गया होता। एएसआई संरक्षित जगह पर ये पूजा अधिनियम को लागू करना चाहते हैं, यह लागू करना कोर्ट का काम है या दिग्विजय सिंह जैसे भ्रमित नेताओं का काम है?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हिंदू विरोधी मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए। कांग्रेस अंत की ओर है। पहले कांग्रेस कम्युनिस्ट के सहारे चलती थी और अब यह कम्युनल मुद्दे पर चलने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि मौलाना महमूद मदनी मुस्लिम समाज के कद्दावर नेता हैं, लेकिन उम्र के इस पड़ाव में भी मुस्लिम युवाओं को बरगलाने, भड़काने और देश विरोधी एजेंडे के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। ये यूसीसी और वंदे मातरम के विरोधी रहे हैं। वंदे मातरम से देश को स्वतंत्रता मिली, इसे गाते हुए सीमा पर खड़ा सुरक्षाकर्मी देश के लिए कुर्बान हो जाता है और आप इसका विरोध कर रहे हैं।

वीएचपी नेता विनोद बंसल ने यह भी कहा कि अब ये भोजशाला पर फैसले का विरोध कर रहे हैं। राम मंदिर का विरोध पहले भी कर चुके हैं। तीन तलाक का विरोध किया और कहते हैं कि नारियों के लिए इस्लाम में सब कुछ अच्छा है। इन्होंने तीन तलाक, बुर्का और हलाला से मुक्ति दिलाने की बात कभी नहीं की और जब समान नागरिक संहिता की बात आती है तो कट्टरपंथी चेहरा सामने ले आते हैं।


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